उत्तराखंड: आरपीएफ दरोगा ने 20 हजार के लिए बेच दिया अपना ईमान, CBI ने रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

Spread the love

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामलों ने लगातार सरकार की साख गिराई है, जिस पर लगाम लगाने को लेकर अब सीएम धामी सख्त नजर आ रहेउत्तराखंड हैं। Haldwani Bribery Case सीएम धामी अब भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई कर रहे है। इस बीच देहरादून सीबीआई टीम ने काठगोदाम रेलवे स्टेशन के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट पर तैनात एएसआई और एक रेलवे फाटक ठीक करने वाले टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दरोगा पर एक डंपर मालिक से दुर्घटना के एक मामले में 20 हजार रुपये लेने का आरोप है। टीम दोनों को अपने साथ देहरादून ले गई। मिली जानकारी के अनुसार, डंपर ट्रक से रेलवे फाटक तोड़ने के मामले में आरपीएफ द्वारा हल्द्वानी के एक गाड़ी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

लेकिन आरपीएफ एएसआई द्वारा रेलवे के तकनीकी कर्मचारी के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को गिरफ्तार नहीं करने और उसके वाहन को जब्त नहीं करने के एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। लेकिन आरोपियों द्वारा 25 हजार रुपए की रिश्वत में समझौता हुआ। टीम ने तय योजना के अनुसार स्टेशन परिसर में बने गेस्ट हाउस के पास असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हरीश और तकनीशियन जसवीर को बुलवाया। वहीं से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि पिछले महीने रेलवे स्टेशन गेट में डंपर से टक्कर मारने के मामले में रिश्वत लेने में यह गिरफ्तारी की गई है। सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे के मुताबिक दरोगा ने डंपर मालिक से उसे गिरफ्तार न करने और मुकदमे में उसके वाहन जब्त न करने के लिए दो लाख रुपये मांगे थे। बाद में दरोगा 25 हजार रुपये पर तैयार हो गया।