दोस्तो, नैनीताल में रात होते ही ऐसा क्या हो रहा है, जिसने लोगों की नींद उड़ा दी है? आखिर कौन है जो अंधेरे में छिपकर घरों की छतों पर पत्थर बरसा रहा है? क्या यह किसी शरारती तत्व की करतूत है या फिर इसके पीछे कोई और रहस्य छिपा है? कैसे लोग रातभर जाग कर बीता रहे हैं। दोस्तो ये खबर बेहद हैरान करने वाली है, पिछले कई दिनों से नैनीताल के एक इलाके में रात 8 बजे के बाद शुरू होने वाली रहस्यमयी पत्थरबाजी ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। हालात ये हैं कि लोग रातभर जागकर अपने घरों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। पुलिस ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन अब तक पत्थर फेंकने वाले का कोई सुराग नहीं मिला है। आखिर रात के अंधेरे में कौन कर रहा है ये हमला? कहां से आ रहे हैं ये पत्थर? और कब खत्म होगा नैनीताल के लोगों का ये डर? कोई नहीं जानता। नैनीताल के जिला पंचायत और अपर मॉल रोड क्षेत्र में इन दिनों रहस्यमयी पत्थरबाजी से स्थानीय लोग दहशत में हैं। शहर के इन क्षेत्र में पिछले करीब 10–11 दिनों से हर रात लगभग 8 बजे के बाद अचानक घरों की छतों पर पत्थर गिरने लगते हैं। यह सिलसिला देर रात 12 से 1 बजे तक जारी रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासी चंपा, सुरेश और निर्मल का कहना है कि शुरुआत में इसे शरारती तत्वों की हरकत समझा गया, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं के बाद मामला और अधिक संदिग्ध प्रतीत होने लगा है। लोगों ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से भी की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो दिनों तक रात में जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति हाथ नहीं लगा। स्थानीय निवासी चंपा ने बताया कि इस घटना से परिवारों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं और महिलाएं शाम ढलते ही भय के साये में घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही रात के आठ बजते हैं, घरों की छतों पर अचानक पत्थर गिरने लगते हैं। पुलिस को शिकायत देने के बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने स्वयं भी जंगल में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, सुरेश चंद भट्ट ने बताया कि जिला पंचायत परिसर, गेस्ट हाउस के ऊपर वाले जंगल और आसपास के क्षेत्र से आबादी की ओर पत्थर फेंके जाने की आशंका है। उनके अनुसार करीब 10–11 दिन पहले शुरू हुई यह घटना अब लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। स्थानीय निवासी निर्मल का कहना है कि अब इस इलाके में रहना मुश्किल हो गया है। लगातार हो रही पत्थरबाजी से लोग परेशान हैं, लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति पकड़ में नहीं आया है। इधर पुलिस कहती है कि स्थानीय लोगों की कुछ दिन पूर्व शिकायत को कोतवाली पुलिस को मिली थी।जिसके आधार पर क्षेत्र के जंगल में कांबिंग की गई है फिलहाल कोई संदिग्ध पुलिस को दिखाई नहीं दिया है फिर भी स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जंगल और आबादी वाले क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोग एकजुट होकर पत्थर फेंकने वालों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.लगातार हो रही इस रहस्यमयी पत्थरबाजी ने क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों का जल्द पता लगाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। तो दोस्तो, नैनीताल के इस इलाके में रात का अंधेरा अब लोगों के लिए डर लेकर आ रहा है। सवाल अब भी वही है कि आखिर कौन है जो बिना सामने आए घरों की छतों पर पत्थर बरसा रहा है? क्या यह सिर्फ किसी की शरारत है या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी है?पुलिस की जांच जारी है, जंगलों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया, लेकिन अब तक पत्थरबाजी करने वाला सामने नहीं आया है। ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है और उनकी मांग है कि जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठे।फिलहाल नैनीताल के लोग रात 8 बजने के बाद एक बार फिर उसी डर के साए में जीने को मजबूर हैं कि पता नहीं अगला पत्थर कहां से आएगा और इस रहस्यमयी घटना का अंत कब होगा।