उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, धार्मिक स्थलों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों को पूरे प्रदेश में सतर्कता बढ़ानी पड़ी? क्या इसके तार किसी आतंकी साजिश से जुड़े हैं? और एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच किन नए पहलुओं तक पहुंच रही है? आखिर उत्तराखंड में बढ़ाई गई सुरक्षा के पीछे की पूरी कहानी क्या है? दोस्तो उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। एक ईमेल में उत्तराखंड समेत दिल्ली के कई मंदिरों और सरकारी दफ्तरों, रेलवे स्टेशनों और पुलिस को निशाना बनाने की आतंकी हमले की धमकी दी गई है। ये धमकी उत्तराखंड सरकार और निहंगों के बीच कई दिनों तक चले टकराव के बीच आई है, ये मै कियों कह रहा हूं वो बताउंगा आपको आप खबर को पूरा देखिएगा। मै आपको आतंकियों धमकी बात करूं उससे पहले आप इस खबर पर गौर कीजिए। उत्तराखंड के सभी थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी जसप्रीत सिंह को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे पोस्ट अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर डाले थे। इसके बाद ही देहरादून की नगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है।
दोस्तो आरोपी के पास से पुलिस को एक मोबाइल भी मिला है। फोन को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी ने उसी मोबाइल से सोशल मीडिया पर बम विस्फोट के पोस्ट किए थे। पुलिस ने पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताया। दरअसल, बीती 21 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग करते हुए उत्तराखंड में स्थित सभी पुलिस थानों को बम के धमाके से संबंधित धमकी भरा पोस्ट अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर व्यापक रूप से प्रसारित किया था, जिससे आम जनता में भय और आतंक का वातावरण उत्पन्न हुआ। दोस्तो थानों को उड़ाने की धमकी देने वाला तो पड़कड़ा गया लेकिन दोस्तो इधर इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संभावित खतरे की आशंका जताई है। जिसके बाद दिल्ली और उत्तराखंड के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। ऐसे में धार्मिक जगहों, सरकारी स्थानों और पुलिस ठिकानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दोस्तो सूत्रों की माने तो कुछ राजनीतिक नेताओं का भी इस धमकी में जिक्र किया गया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई है। सावधानी के तौर पर उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने क्राउडिड प्लेस और संवेदनशील इलाकों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की माने तो ट्रांसपोर्ट हब, धार्मिक स्थलों और सरकारी इमारतों पर सुरक्षा के लिए तैनाती बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस भी अलर्ट पर है। पुलिस को भी पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए गए है। दिल्ली पुलिस ने ईमेल जांच भी शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट अब मैसेज के डिजिटल ट्रेल की जांच कर रहे हैं। “फिलहाल राहत की बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी तरह की संभावित आशंका से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, धमकी देने वाले सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि ईमेल के जरिए मिली धमकी की जांच केंद्रीय और राज्य की एजेंसियां कर रही हैं। ऐसे मामलों में अफवाहों से बचना और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना बेहद जरूरी है। अगर आपको किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।