Uttarkashi क्या सच में वन परियां ले गईं…? | Babita Pandey | Dayara Bugyal | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रैक से गायब हुई बबीता पांडे को क्या सच में वन परियां ले गईं। आप भी कह रहे हैं कि इस आधुनिक और तकनीकी से दौर से भरे दौर में मै ये कैसे सवाल कर रहा हूं, कुछ लोग इसे अंधविश्वास से भी जोड़ेंगे लेकिन जो बात आज में अपने बेहद खूबसूरत दिखने वाले बुग्यालों के रहस्य के बारे में आपको बताने जा रहा हूं उसको देख और सुन कर आप भी चौंक जाएंगे क्योंकि मै आपको बताने जा रहा हूं उत्तराखंड की रहस्यमयी ऊपरी हवाओं के बारे में जिससे आज भी करते हैं लोग तो क्या बबीता पांडे के साथ भी कुछ ऐसा ही हो चुका है। दोस्तो बड़े ही हैरत की बात है कि दयारा बुग्याल से गायब एक बेटी के बारे में एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी हमारे पास कोई जवाब नहीं है ना कोई सबूत, ना कोई जानकारी बस बीते एक हफ्ते से चल ही रहा है सर्च ऑपरेशन और सवाल वो ही कि बबीता पांडे गई तो गई कहां। दोस्तो मै पिछले कई दिन से इस खबर को देख रहा हूं आप तक पहुंचा भी रहा हूं आप लोग अपनी राय भी दे रहे हैं बता रहे हैं। आप में से किसी मेरे दर्शक ने लिखा उससे मेरा ध्यान भी इस ओर गया कि क्या ऐसा हुआ होगा। दोस्तो इतना तो आप सबको बता होगा कि इन खूबसूरत बुग्यालों में जाने की इजाजत नहीं है ये मनाही क्यों की गई होगी हालांकि इसके पीछे एक तर्क दिया जा सकता है कि उनकी खूबसूरती और संवदनीशील होना, लेकिन दोस्तो इसका दूसरा पहलू भी जो मैं आपको बताने जा रहा हूं गौर कीजिएगा।

दोस्तो उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियों और बुग्यालों में आज भी ऐसी कई कहानियां सुनाई जाती हैं, जिन्हें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इन्हीं में से एक है दयारा बुग्याल का वो रहस्य, जिसने सालों से लोगों को सोचने पर मजबूर कर रखा है जहां बबीता पांडे अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इसके बाद गांव में चर्चा फैल गई कि कहीं उन्हें ‘वन परियां’ तो अपने साथ नहीं ले गईं? क्या यह सिर्फ लोककथा है, अंधविश्वास है या फिर इसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा है जो आज तक सामने नहीं आ पाया? आखिर क्या हैं उत्तराखंड की रहस्यमयी ‘ऊपरी हवाएं’, जिनसे आज भी कई लोग डरते हैं? क्या आप इनके बारे में जानते हैं। अगर हां तो जरूर बताना लेकिन एक दोस्तो एक कहानी कह लीजिए या खबर मेरे पास भी है। उत्तराखंड में स्थानीय लोककथाओं और मान्यताओं में रहस्यमयी ऊपरी हवाओं का जिक्र हमेशा से किया जाता रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि, ऊपरी हवाओं और उनसे जुड़ी असाधारण घटनाओं के पीछे आंछरी या ‘भराड़ी’ नाम की वन परियों और दिव्य आत्माओं का वास माना जाता है। इस तरह की रहस्यमयी अवधारणाएं उत्तराखंड में मुख्य रूप से टिहरी जिले के खैट पर्वत क्षेत्र में काफी प्रचलित हैं, जिसे स्थानीय लोग परियों का देश भी कहते हैं। दोस्तो उत्तराखंड की लोककथाओं के मुताबिक, माना जाता है कि खैट पर्वत की 9 चोटियों पर 9 बहनें निवास करती हैं, जिन्हें स्थानीय लोग आंछरी या वन देवी के नाम से बुलाते हैं खैट पर्वत की नौ चोटियों पर ये बहनें अदृश्य रूप से रहती हैं। दोस्तो स्थानीय लोगों मानते हैं कि, ये दिव्य आत्माएं आस-पास के क्षेत्रों और गांवों की सुरक्षा करती हैं। उत्तराखंड की इन रहस्यमयी ऊपरी हवाओं को अक्सर परियों की उपस्थिति या उनके विचरण के संकेत के रूप में देखा जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि, कभी-कभी हवाओं में सरसराहट, रात में लड़कियों के हंसने की आवाज को परियों से जोड़कर देखते हैं। दोस्तो जिन जगहों पर ऐसी लोक मान्यताएं हो, वहां कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

मान्यताओं के मुताबिक कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो परियां उसे नुकसान पहुंचाती हैं। इसके अलावा वो उसे अपने साथ परियों की दुनिया में भी ले जाती हैं। स्थानीय लोग ये भी बताते हैं कि इस तरह के पहाड़ी क्षेत्रों में चमकीले और भड़कीले कपड़े पहनना सही नहीं माना जाता, क्योंकि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती हैं। दोस्तो उत्तराखंड में आज भी ऐसी कई जगहें हैं, जहां सूर्यास्त के बाद रुकना या शोर मचाना मना है, क्योंकि वह समय नकारात्मक ऊर्जा और परियों का माना जाता है। स्थानीय कहानियों में यह भी कहा गया है कि, खैट पर्वत पर लगे फल या फूल कोई अपने साथ नीचे ले जाता है, तो वह तुरंत मुरझा और खराब हो सकते है। उत्तराखंड की ऊपरी हवाएं मात्र मौसम विज्ञान की सामान्य घटना का हिस्सा न होकर, प्रकृति और मनुष्य के बीच एक प्राचीन आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक हैं, जहां स्थानीय शक्तियां प्राकृतिक घटनाओं के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं लेकिन तो फिर क्या बबीता पांडे के गायब होने के पीछे भी ये भी एक वजह हो सकती है।