दोस्तो दयारा बुग्याल से लापता हुई ट्रेकर बबीता पांडे का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है दिन बीतते जा रहे हैं, सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन बबीता की तलाश अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी बीच वन विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए दयारा बुग्याल ट्रेकिंग रूट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। आखिर ऐसा फैसला क्यों लिया गया? क्या सर्च ऑपरेशन में कोई नई जानकारी सामने आई है? और बबीता की तलाश में अब तक क्या-क्या प्रयास किए गए हैं? दोस्तो दयारा बुग्याल ट्रैक, पहाड़, घना जंगल, बदलता मौसम और एक ट्रेकर का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे उत्तराखंड को चिंता में डाल दिया है..तो आखिर सर्च ऑपरेशन कहां तक पहुंचा? वन विभाग ने ट्रेकिंग पर रोक क्यों लगाई? और बबीता पांडे केस में अब तक क्या-क्या अपडेट सामने आए हैं? दोस्तो दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता रामनगर नैनीताल निवासी महिला ट्रैकर बबीता पांडे की खोज लगातार जारी है। दयारा के गोई से लापता ट्रैकर को खोजने के लिए तमाम रेस्क्यू टीमें जुटी हैं। पिछले दिनों के तमाम प्रयासों के बाद बुधवार को पांचवें दिन विशेष खोज टीम ने गोई स्थित झील और पानी वाले स्थलों पर गहन तलाशी अभियान चलाया लेकिन ट्रैकर का कोई सुराग नहीं लग सका है। दोस्तो डीप ड्राइविंग टीम में एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमें शामिल हैं। वहीं सेना, आईटीबीपी, और वन विभाग की टीमें भी अपने स्तर से सर्च अभियान में जुटी है। वहीं मामले में दोनों युवक साथियों पर पुलिस की ओर से गत दिवस अपहरण का मामला भी दर्ज किया जा चुका है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि बबीता ऊधमसिंह नगर निवासी हरमनपाल की दोस्त थी। वह हरमनपाल और शाहजहांपुर यूपी निवासी हरमनप्रीत के साथ घूमने आई थी।
दोस्तो पांच दिन पूर्व लापता युवती घटना के बाद वन विभाग ने फिलहाल दयारा बुग्याल ट्रैक की ट्रेकिंग पर रोक लगा दी है। विभाग की ओर जिला प्रशासन की पर्यटन व ट्रेकिंग के बनाई गई एसओपी और रेसक्यू अभियान में हो रही परेशानी का हवाला देकर ट्रेकर्स को बुधवार दोपहर बाद यह निर्देश जारी किए गए। इस पर ट्रेकिंग एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने सवाल खडे किए हैं। हालांकी विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार तक ट्रैक खोल दिया जाएगा। दोस्तो बीते सप्ताह शुक्रवार रात्रि में दयारा बुग्याल ट्रैक के गोई नामे तोक से रामनगर नैनीताल की बबीता पांडे लापता हो गई थी। उसके बाद से वन विभाग सहित एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस, जल पुलिस और क्यूआरटी के करीब डेढ़ सौ से अधिक लोग लापता युवती की तलाश कर रहे हैं। लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग पाया। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह तक दयारा ट्रैक पर ट्रेकर्स की आवाजाही जारी थी। लेकिन दोपहर बाद वन विभाग ने ट्रैक पर रोक लगा दी। दोस्तो इसमें विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन व ट्रेकिंग के लिए बनाई गई एसओपी की समीक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे यह देखा जा रहा है कि दोबारा इस प्रकार की गलतियों को ट्रैक पर न दोहराया जाए। साथ ही रेसक्यू टीम को भी लगातार आवाजाही से कुछ परेशानी हो रही है। इस पर जनपद की ट्रेकिंग एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है।