देवभूमि में पर्यटकों ने मचाया हुड़दंग! | Tungnath | viralvideo | Mussoori Uttarakhand News

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उत्तराखंड की पवित्र भूमि, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आस्था और श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं, वहां से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में एक तीर्थयात्री पर घोड़ा-खच्चर संचालक के साथ मारपीट और गंभीर हमला करने का आरोप लगा है। Tourists Created Ruckus घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार हरियाणा के यमुनानगर निवासी राघव नामक युवक का किसी बात को लेकर एक घोड़ा-खच्चर संचालक से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने हाथ में पहने लोहे के कड़े से संचालक के सिर पर कई वार कर दिए। हमले में संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर पर गहरे घाव आए हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे खोजकर पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। दोस्तो यह घटना सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पहुंचकर कानून और सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रख देते हैं। तुंगनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की हिंसक घटना ने स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों को भी चिंतित कर दिया है। उनका कहना है कि देवभूमि में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन यहां की संस्कृति, परंपराओं और कानून का सम्मान करना भी सभी की जिम्मेदारी है। दोस्तो स्थानीय लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थलों पर कुछ पर्यटकों और यात्रियों की अनुशासनहीनता लगातार बढ़ती जा रही है। कभी शराब पीकर हंगामा करने की घटनाएं सामने आती हैं तो कभी स्थानीय लोगों के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

दोस्तो वहीं पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में कानून कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आस्था के नाम पर देवभूमि पहुंचने वाले कुछ लोग अब कानून और मर्यादाओं को भी चुनौती देने लगे हैं? और क्या ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को और अधिक कड़े कदम उठाने की जरूरत है? क्योंकि देवभूमि की पहचान उसकी आस्था, शांति और संस्कृति से है, न कि हिंसा और अराजकता से लेकिन ये लोग कहां मामने वाले। दोस्तो पहाड़ों की रानी मसूरी अपनी खूबसूरती, शांत वातावरण और अनुशासित पर्यटन संस्कृति के लिए देशभर में जानी जाती है। लेकिन माल रोड पर जो दृश्य देखने को मिला, उसने स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को हैरान कर दिया। देर रात कुछ युवक अर्धनग्न अवस्था में एक कार की छत पर चढ़कर हंगामा करते नजर आए। इनमें से एक युवक हाथ में शराब की बोतल लहराते हुए शोर-शराबा करता दिखाई दिया, जबकि उसके साथी भी तेज आवाज में हंगामा करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवकों की इस हरकत से माल रोड पर मौजूद लोगों को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पर्यटन स्थलों पर बढ़ती अनुशासनहीनता को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी जैसे संवेदनशील और लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उनका मानना है कि पर्यटन का आनंद लेने आए लोगों को स्थानीय संस्कृति, कानून और सामाजिक मर्यादाओं का भी सम्मान करना चाहिए। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना की आलोचना करते हुए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पर्यटन नगरी मसूरी हर साल लाखों पर्यटकों का स्वागत करती है, लेकिन कुछ लोगों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें पूरे पर्यटन समुदाय की छवि को प्रभावित करती हैं। ऐसे में जरूरत है कि पर्यटक भी अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखें, ताकि देवभूमि की गरिमा और पर्यटन स्थलों की पहचान बरकरार रह सके, लेकिन दोस्तो सबसे बड़ा सवाल हैं कि अपने उत्तराखंड पर इस हुड़दंग पर कब लगेगी लगाम।