आखिर दयारा बुग्याल में लापता हुई बबीता पांडे कहां हैं? क्या एक हफ्ते बाद खोज अभियान को कोई बड़ा सुराग मिला है? क्या दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में छिपा है इस रहस्य का जवाब? और आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब इस अभियान में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान यानी NIM की विशेषज्ञ टीम को भी उतारना पड़ गया? कैसे बांकी सारी टीमें हो गई फेल बताउंगा आपको पूरी खबर। Babita Pandey Missing In Uttarkashi दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से लापता हुई नैनीताल की बेटी बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है, लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अब NIM की प्रशिक्षित और विशेषज्ञ टीम को भी खोज अभियान में शामिल किया गया है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, गहरी खाइयों और कठिन ट्रैकिंग रूटों पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। आखिर ऐसा क्या है कि ना एनएडीआरफ ना एसडीआरएफ ना जिला प्रशासन ना वन विभाग और आटीबीपी भी बबीता पांडे का कोई सुराग नहीं खोज पाई। अब नीम कैसे बबीता पांडे की खोज करेगी। द्सोत दयारा बुग्याल ट्रेक पर सात दिनों से लापता चल रही रामनगर नैनीताल निवासी एमबीए छात्रा बबीता पांडे की खोजबीन के लिए अब निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) की टीम उतरेगी। जिला प्रशासन ने निम से इसके लिए मदद मांगी है। इधर, शुक्रवार को सातवें दिन भी बबीता की खोजबीन को दयारा के पड़ाव गोई व दयारा क्षेत्र में खोजबीन अभियान जारी रहा। हालांकि बबीता का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया।
बबीता पांडे की खोजबीन को शुरूआती दिनों में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व, वन विभाग व एसओजी की टीम ने सर्च आपरेशन चलाया। इसके अलावा दोस्तो इस सर्च आपरेशन के लिए आईटीबीपी व सेना की भी मदद मांगी गई। लेकिन बबीता का अब तक कहीं कुछ पता नहीं चला है। हालांकि सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में बबीता की तलाश में पुलिस व कुछ वन कर्मियों की टीम गोई में डेरा डाले हुए हैं। दोस्तो यहां मै आपको बता दूं कि इस टीम ने गुरुवार व शुक्रवार को भी क्षेत्र में गहन छानबीन की। लेकिन बबीता का पता नहीं चला। अब जिला प्रशासन ने दयारा बुग्याल से लगे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्च आपरेशन के लिए जिला मुख्यालय में ही स्थित देश के अग्रणी पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान निम याने कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की मदद मांगी है। दोस्तो देश-विदेश के युवाओं को पर्वतारोहण व ट्रेकिंग आदि का प्रशिक्षण देने वाला यह संस्थान सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स का भी संचालन करता है। ऐसे में इस संस्थान के सर्च आपरेशन में उतरने से कुछ न कुछ सफलता मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। दोस्तो जिलाधिकारी उत्तरकाशी का कहना है कि लापता बबीता की खोजबीन को सर्च आपरेशन में मदद के लिए निम को पत्र लिखा गया है। हालांकि उनकी तरफ से अभी इसके लिए हामी नहीं भरी गई है। उम्मीद है कि आज देर शाम या कल तक निम इस पर अपनी हामी भर देगा।-प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी।
बता दें कि बीते 29 मई को ग्राम चिल्किया रामनगर नैनीताल निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो अन्य साथियों हरमनप्रीत सिंह व हरमन पाल के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थी। जो कि 29 मई की रात को दयारा बुग्याल के पड़ाव गोई से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी।परिवार ने की जांच का दयारा बढ़ाने की मांग। लापता बबीता के परिवार के मुताबिक 29 मई की रात जिस स्थान पर बबीता का टेंट लगा था, उसके आसपास करीब 15 से 16 अन्य टेंट भी लगे हुए थे, जिनमें लगभग 50 से 60 पर्यटक रुके थे। उन्होंने दावा किया कि बबीता का टेंट इन टेंटों के बीच में स्थित था। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उस रात वहां मौजूद सभी पर्यटकों की पहचान सत्यापित की जाए और आवश्यक पूछताछ की जाए। उनका कहना है कि जब बबीता का नाम पंजीकरण पोर्टल में दर्ज नहीं मिला तो इस पहलू की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए कि कहीं अन्य स्तरों पर भी कोई अनियमितता तो नहीं हुई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस के साथ पिछले कुछ दिनों से दयारा ट्रेक पर लापता बहन की खोजबीन में जुटा बबीता का छोटा भाई हर्षित पांडे घर वापस लौट गया है।