आखिर दयारा बुग्याल की वादियों में उस युवती के साथ क्या हुआ? दो दिन बीत गए, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग क्यों नहीं मिला? क्या ट्रैकिंग एजेंसी ने सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया, या फिर कहीं और बड़ी चूक हुई है? पहाड़, बारिश, लापता युवती और सवालों के घेरे में ट्रैकिंग एजेंसी। आखिर क्या है पूरा सच? देखिए बड़ी अपडेट, मेरी इस रिपोर्ट में। दयारा बुग्याल के लिए निकली बबीता पांडे आखिर कहां गई। पुलिस के हाथ लगा एक सीसीटीवी फुटेज क्या कहता है जिस ऐजेंसी के साथ एमबीए की ये छात्रा बबीता पांडे ट्रेकिंक के लिए निकली थी वो ऐजेंसी कैसे अब सवालों के घेरे मा गई है और बबीता पांडे के गायब होने पर पहली बार आया पुलिस का बयान क्या कहता है सब बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से सामने आई यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। रामनगर की एक युवती ट्रेकिंग के लिए गई थी, लेकिन अब वह रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है। पुलिस ने साथ गए दो युवकों और ट्रैकिंग एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं एजेंसी की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में है। चर्चा है कि वेबसाइट पर दर्ज जानकारी में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। यानि गलत जानकारी इस पर में आगे बहात करूंगा लेकिन उससे पहले दोस्तो मै आपको इस मामले में बबीता पांडे का पहला और शायद आखिरी सीसीटीवी फुटेज दिखा रहा हूं। दोस्तो जानकारी के मुताबिक, बबीता को आखिरी बार रैथल गांव में देखा गया था इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है, जबकि पुलिस और बचाव दल लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन रैथल में आखिरी बार दिखी बबीता आखिर कहां गई? यह सवाल अब पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य बना रहा है।
दोस्तो नैनीताल जिले की 30 वर्षीय बबीता पांडे दयारा बुग्याल ट्रेक पर अपने दो साथियों के साथ गई थीं, लेकिन ट्रेक के दौरान वह उनसे बिछड़ गईं और तब से लापता हैं। बबीता की तलाश में SDRF, पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। तस्वीरों के जरिए भी आप देख सकते हैं कि कैसे बबीता पांडे की खोजबीन हो रही है। दोस्तो इस पूरे मामले एक सवाल लगाता गूंज रहा है कि आखिर बबीता पांडे गई तो गई कहां इस पूरे मामले पर जब पहली बार पुलिस का रिएक्शन आया तो क्या गया पुलिस द्वारा वो भी आपको दिखा रहा हूं थोड़ा गौर कीजिएगा। दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से एक चिंताजनक खबर है यानि कि पुलिस के पास भी ज्यादा कुछ कहने को है नहीं अभी लेकिन मै आरपको यहां बता दूं कि रामनगर के चिलकिया गांव की एमबीए की छात्रा बबीता पांडे पिछले दो दिनों से लापता है। हर गुजरता पल परिवार की चिंता बढ़ा रहा है, बताया जा रहा है कि युवती दो युवकों के साथ ट्रेकिंग पर गई थी, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया। मामले में पुलिस ने दोनों युवकों और ट्रेकिंग एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने ट्रेकिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वो ये कि खराब मौसम और बारिश के बीच ट्रेकिंग की अनुमति कैसे दी गई, और क्या एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का पालन किया? वहीं, एजेंसी की वेबसाइट पर दर्ज नाम-पते को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन युवती का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
इधर दोस्तो कुछ समाचार पत्र इस पोर्टल इस खबर को प्रमुखता दे रहे हैं कि दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता हुई युवती बबीता पांडे मामले में स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी संचालक का बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। खबरों के मुताबिक दोस्तो जिला पर्यटन विकास अधिकारी के बयान के आधार पर पर्यटन विभाग द्वारा संचालित सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल से बबीता पांडे नाम की किसी भी युवती को ट्रेकिंग का अनुमति पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी पर फर्जीवाड़ा कर अनुमति पत्र तैयार करने की बात कही। दोस्तो खबर तो ये भी है कि एंजेंसी केइस फर्जीवाड़े का पता चलते ही एजेंसी संचालन का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उसके विरुद्ध रिपोर्ट तैयार कर पुलिस के माध्यम से मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। दोस्तो दरअसल जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सिंगल विंडो सिस्टम का एक्सप्लोर उत्तरकाशी नाम से नया पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें ट्रेकिंग के लिए आवेदन करना होता है। आधार कार्ड, मेडिकल, इंश्योरेंस, आइडी प्रूफ आदि दस्तावेज अपलोड कर निर्धारित शुल्क चुकाते ही अनुमति पत्र स्वत: जारी हो जाता है। लेकिन जो पत्र संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा वन विभाग को दिया गया। उसमें कुछ ट्रेकर्स के नाम कांट-छांट कर बदलने की बात सामने आई है। बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसी बबीता पांडे नाम की युवती को अनुमति दी ही नहीं गई। यदि उस पत्र के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा तो पुराने नाम सामने आ रहे हैं, जो कि कुलदीप सिंह, अनिकेत कुमार शाह, अनंत रंजंत, आराधना द्विवेदी व रवि हैं तो क्या हुआ होगा आखिर बबीता पांडे के साथ पहाड़ों में गुम हुई बबीता का सच क्या है?