Mussoorie Road बारिश में बढ़ा Landslide Risk ! | Roadclosure | Heavyrain | Uttarakhand News

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दोस्तो, मसूरी का सफर अब सिर्फ खूबसूरत नजारों का नहीं, बल्कि बढ़ते खतरे का भी बनता जा रहा है। हर बारिश के साथ पहाड़ दरक रहे हैं, सड़कें धंस रही हैं और लैंडस्लाइड का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सवाल ये है कि आखिर हर मानसून में यही हालात क्यों बनते हैं? क्या करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मसूरी–देहरादून हाईवे पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाया? अब हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि हाईवे के चार सबसे संवेदनशील प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां विशेष निगरानी और सेफ्टी सर्वे कराया जाएगा। आखिर कौन-सी हैं ये चार खतरनाक जगहें और यात्रियों के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं। दोस्तो पर्यटकों के लिए 20 जुलाई का दिन बेहद खराब खबर लेकर आया। दरअसल देहरादून में लगातार हो रही बारिश के बीच देहरादून मसूरी हाइवे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति ये है कि जिला प्रशासन को इस मार्ग के बंद रखने का आदेश करना पड़ा.अब किसी को भी इस रास्ते से मसूरी जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मसूरी मार्ग पर कई जगह सड़क पूरी तरह से धंस गई और इसके कारण इस रास्ते में कई जगहों पर लम्बा जाम भी लग गया। हालात ये रही कि यहां से आने या मसूरी जाने वाले वहां अपनी जगह पर ही थम गए। कुछ जगहों पर सड़क धंसने की तस्वीर सामने आई तो कुछ जगह पर सड़क में पहाड़ से पत्थर गिरने के भी वीडियो सामने आए। इसके अलावा दोस्तो पिछले एक पखवाड़े मेँ तेज बरसात के चलते देहरादून मसूरी राजमार्ग दो बार बंद हो चूका है। वहीँ इसके साथ ही प्रदेश भर मेँ कई सड़कें और NH भी बंद है, जिनको खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग लगातार काम कर रहा है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा का कहना है कि बरसात के चलते कई सड़कें बंद है जिसमें NH, PwD, PMGSY सभी की सड़कें शामिल है, साथ ही सभी सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है। दोस्तो बड़ी बात यह है कि मसूरी देहरादून हाईवे जिसे बेहद सुरक्षित रास्ता भी माना जाता है, वहां पर कई क्षेत्र खतरे की जद में आ गए हैं। खासतौर पर उन जगहों पर सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है जहां पिछले साल आई बारिश के बाद रास्ते टूट गए थे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस मार्ग में ऐसे चार से पांच संवेदनशील जगह है जहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं, ऐसे में फिलहाल पर्यटकों की यात्रा को रोकना ही एक मात्र रास्ता बचा है। इस मार्ग में जिस जगह पर पिछले साल बारिश के कारण दिक्कतें आई थी।

वही जगह एक बार फिर संवेदनशील हो गई है और इसलिए फिलहाल मार्ग को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। ऐसी संवेदनशील जगहों पर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। खास बात यह है कि अब जिला प्रशासन ने इस मार्ग का सेफ्टी सर्वे करने का फैसला लिया है, यानी कि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्र का दौरा करेंगे और इसकी सुरक्षा के हालातो को जांचेंगे। इसको लेकर बाकायदा एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसी के आधार पर आने वाले दिनों में स्मारक को ठीक करने का काम किया जाएगा। फिलहाल जिन जगहों पर नुकसान हुआ है वहां पर लगातार मार्ग को सही करने के लिए प्रयास शुरू किया जा रहे हैं, लेकिन दोस्तो जिन जगहों पर सड़के धंस गई हैं वहां पर जल्दी ही कोई राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए अभी सेफ्टी सर्वे यह तय कर पाएगा कि कब तक इसको सही किया जा सकेगा और इसके लिए मार्ग को बंद रखने का फैसला कितने दिनों तक आगे बढ़ाया जाएगा। बड़ी बात यह है कि मानसून सीजन में भी लगातार पर्यटकों की अच्छी खासी संख्या मसूरी में पहुंचती है और बड़ी संख्या में पर्यटक न केवल उत्तराखंड बल्कि दूसरे राज्यों से भी मसूरी आते हैं। इन सब स्थितियों के बीच पर्यटकों के लिए यह किसी बुरी खबर से कम नहीं कि मसूरी जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है और फिलहाल पर्यटक यहां नहीं जा पाएंगे। तो दोस्तो, सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है, बल्कि हजारों यात्रियों और उत्तराखंड के पर्यटन की सुरक्षा का है। अगर हर मानसून में यही हाईवे बंद होगा, हर बारिश में यही लैंडस्लाइड होगा और हर साल वही संवेदनशील प्वाइंट खतरा बनेंगे, तो फिर करोड़ों रुपये की मरम्मत और सुरक्षा योजनाओं का फायदा आखिर किसे मिल रहा है? अब सबकी नजर जिला प्रशासन के सेफ्टी सर्वे पर रहेगी। यह सर्वे तय करेगा कि मसूरी–देहरादून हाईवे कब तक सुरक्षित होगा, कितने दिन और बंद रहेगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या स्थायी इंतजाम किए जाएंगे।