Uttarakhand CM धामी का बड़ा एक्शन! मची खलबली! | Loudspeaker | Dehradun | Rudrapur | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड में नियमों को लेकर धामी सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सरकार का साफ संदेश है—कानून सबके लिए बराबर है और नियमों का पालन हर हाल में होगा। कैसे उत्तराखंड में हो गई बड़ी सख्ती.. 50 से ज्यादा मस्जिदों से उतारे गए लाउडस्पीकर बताउँग आपको पूरी खबर। दोस्तो, प्रदेश में धार्मिक स्थलों में नियमों के पालन को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 50 से ज्यादा मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी साफ शब्दों में कहा है कि उत्तराखंड में कानून से ऊपर कोई नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। दोस्तो जरा इन तस्वीरों को देखिए कैसे देहरादून से लेकर रुद्रपुर तक की मस्जिदों से एक एक कर लाउड स्पीकर उतारे जा रहे हैं। दोस्तो हालांकि इस अभियान का मकसद किसी की धर्मिक भावनओं को आहत करना नहीं है। लेकिन जो उत्तराखंड में ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती शुरू हो गई है। वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद देहरादून और रुद्रपुर सहित कई जिलों में बिना अनुमति और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर हटवाए जा रहे हैं। उन पर हुई है। दोस्तो सिर्फ दून पुलिस ने अब तक 43 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई और तेज की जाए। दोस्तो, दरअसल सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक शांति के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने पूरे प्रदेश में अभियान छेड़ दिया है। बिना अनुमति और तय मानकों से ज्यादा आवाज वाले लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई हो रही है। अकेले देहरादून और रुद्रपुर पुलिस ने 50 से अधिक मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाए हैं।

अभियान के दौरान नियम तोड़ने वाले धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए और कई जगह पुलिस एक्ट के तहत चालान भी किए गए। भविष्य में उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। देहरादून प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लेकर बेहद सख्त है। बीते दिनों शहर की 43 मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारे गए। प्रशासन का कहना है कि जनहित में कोर्ट के आदेशों का पालन हर हाल में कराया जाएगा। वहीं दोस्तो इस कार्रवाई को विपक्ष विशेष समुदाय को टारगेट करना बता रहा है। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति पर विपक्ष को दर्द होता है। यूसीसी, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और अवैध लोगों के खिलाफ कार्रवाई के समय भी विपक्ष ने विरोध किया था। लेकिन ये सभी फैसले प्रदेश की जनता के हित में लिए गए हैं। मुख्यमंत्री उत्तराखंड बहरहाल दोस्तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मुहिम तेज है। सरकार का फोकस नियमों के पालन पर है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। अब देखना होगा कि ये अभियान आगे कितना सख्त होता है।