Flood Alert मानसून का तांडव! पहाड़ में तबाही! | Landslide | Weather Update | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड में आसमान ऐसा बरस रहा है कि पहाड़ भी जवाब दे रहे हैं। कहीं सड़कें मलबे में दब गई हैं। कहीं नदी-नाले रौद्र रूप दिखा रहे हैं और कहीं लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सवाल ये है कि हर मानसून में वही तस्वीरें, वही सड़कें बंद, वही लंबा इंतजार। आखिर तैयारियां हर साल बारिश के सामने क्यों बह जाती हैं? कौन-कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, कितनी सड़कें बंद हैं और मौसम विभाग ने आगे क्या चेतावनी दी है, पूरी खबर बताता हूं अपनी रिपोर्ट में। दोस्तो उत्तराखंड समेत देश के तमाम पहाड़ी राज्य बड़ी मुसीबत में दिखाई दे रहे हैं, फिर हिमाचल हो, जम्मू हो लद्दाख के इलाके, बारिश जम कर कहर बरपाया है।उत्तराखंड बागेश्वर के कपकोट से भूस्खलन का डरावना वीडियो सामने आया, लगातार हो रही बारिश के बीच बागेश्वर जनपद के कपकोट तहसील क्षेत्र के रमाड़ी के मौनधुरा तोक में भारी भूस्खलन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पहाड़ी से लगातार मलबा और चट्टानें गिरने के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इधर नदी नाले गाड़ गधेरे सब डरा रहे हैं पिथौड़ागड़ की इस तस्वीर को देख कर दो लगता है जैसे कोई बादल फट गया हो। उत्तराखंड में बारिश बनी आफत, कई संपर्क मार्गों पर गिरा मलबा, उफान पर बह रहे नदी नाले- उत्तराखंड में लगातार बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश से कई संपर्क मार्ग मलबा और बोल्डर गिरने से लगातार बाधित हो रहे हैं, जिसके लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारी बारिश से नदी नाले उफान पर बह रहे हैं।

देहरादून मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही लोगों को सचेत रहने की अपील की गई है। इधर राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में लगातार बारिश का दौर जारी है, भारी बारिश से कई संपर्क मार्ग मलबा और बोल्डर गिरने से लगातार बाधित हो रहे हैं, जिसके लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारी बारिश से नदी नाले उफान पर बह रहे हैं। देहरादून मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, साथ ही लोगों को सचेत रहने की अपील की गई है। दोस्तो उत्तराखंड मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के देहरादून व बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों में आकाशीय बिजल चमकने के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजल चमकने व तेज बारिश का संभावना जताई गई है। दोस्तो टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोल और पिथौरागढ़ जनपदों में भी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बरसात आफत बनकर आ रही है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए अब खतरा बन गई है।

बारिश को देखते हुए जिले में स्कूलों में डीएम ने अवकाश घोषित किया है। जिला मुख्यालय समेत अधिकांश क्षेत्रों में रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मलबा और बोल्डर आने से जिले की लगभग दो दर्जन व सड़कें बंद हैं। पर्यटन नगरी मुनस्यारी को जोड़ने वाला थल-मुनस्यारी मार्ग लगातार बाधित हो रहा है। दोस्तो खबर ये है कि होकरा, नाचनी-भैंसकोट और पौड़ी-घटकूना समेत लगभग 24 सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हैं। सड़कों के बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बड़ी आबादी की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है जिले भर पांच दर्जन से अधिक मकान खतरे की जद में है और भारी बारिश के कारण कई जगह मकान क्षतिग्रस्त भी हुए हैं. आपदा को लेकर प्रशासन भी सतर्क है, सभी तहसीलों में आपदा कंट्रोल रूम बनाये गये हैं। दोस्तो, फिलहाल बारिश थमने के आसार कम हैं और मुश्किलें बढ़ने की आशंका ज्यादा। मौसम विभाग लगातार अलर्ट जारी कर रहा है। प्रशासन सतर्क रहने की अपील कर रहा है, लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी अब हमारी भी है। नदी-नालों और गदेरों के पास जाने से बचिए। भूस्खलन वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा मत कीजिए और अगर सफर जरूरी हो तो मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि बारिश कितनी होगी, सवाल यह भी है कि हर साल मानसून आने पर हमारी तैयारियां क्यों बह जाती हैं? सड़कें क्यों टूटती हैं, संपर्क मार्ग क्यों कट जाते हैं और हर बार आम लोगों को ही सबसे ज्यादा परेशानी क्यों झेलनी पड़ती है? इन सवालों के जवाब भी तलाशने होंगे। फिलहाल आप सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और उत्तराखंड की हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए जुड़े रहिए उत्तराखंड न्यूज के साथ।