Delhi-Dehradun Expressway पर गड्ढों का तांडव! | Viral Video | PM Modi | NHAI | Uttarakhand News

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दोस्तो भ्रष्टाचार, कमीश्न का खेल या जल्दबाजी का खेल कैसे सारे किए कराए पर पानी फेर देता है। ये देखने को मिल रहा है देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे पर। दोस्तो क्या करोड़ों रुपये की लागत से बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश की परीक्षा में फेल हो गया? कैसे उद्घाटन के महज़ दो महीने बाद सामने आए वायरल वीडियो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिये। दोसतो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को आधुनिक और तेज़ कनेक्टिविटी की बड़ी परियोजनाओं में गिना जाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पहली ही बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में गड्ढे दिखाई दिए हैं। इन वीडियो के बाद निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहां जी विकास कैसे विकास है, जो एक बारिश ही नहीं झेल पा रहा है। दोस्तो एक विकास ये है जो बारिश में घप्प हो गया बल, बची दिल्ली-देहरादून एक्शप्रेस वे के बीच में दो बड़े काले गढ्डे रूपी टीके लगा दिए हैं बारिश ने कहीं, कहीं विकास को नजर ना लग जाए। खैर इस पर आगे मै बात करूंगा, लेकिन इस बीच में आपको एक और विकास की तस्वीर दिखाना चाहता हूं। एक तरफ तो बारिश विकास धुल रहा है। वहीं दूसरी ओर भारी बारिश में भी विकास अपने होने को छटपटा रहा है।

देख रहे हैं दोस्तो विकास को कितनी जल्दी है, बल अपने उत्तराखंड में अपने देश में भारत में विकास को लेकर कुछ लोग इतने “समर्पित” हैं कि मौसम भी उनके काम में बाधा नहीं बनता। ऐसा ही विकास उत्तराखंड के विकासनगर के डाकपत्थर हो रहा। अब आप दोस्तो तस्वीर को तुलना में देख सकते हैं, एक तरफ बारिश में भी बनती सड़क है। जो बनानी बेहद जरूरी है, बल और दूसरी और हाल में देश को समर्पित ये देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे के गढ्डे हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल है। जिसमें शख्स एक्सप्रेसवे पर हुए गड्ढें को दिखाते हुए बता रहा है कि ‘इसकी वजह से एक्सीडेंट हो सकता है।’ वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। जिसके बाद हर कोई इस पर प्रतिक्रिया दे रहा हैं।दिल्ली से देहरादून की 212 किलोमीटर की दूरी को 2 से ढाई घंटे में पूरा करने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बताते चलें कि अभी इस एक्सप्रेसवे को खुले हुए 3 महीने भी पूरे नहीं हुए है। ऐसे में निर्माण में हुई लापरवाही को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया थाजबकि 15 अप्रैल से यह लोगों के लिए शुरू हुआ था। मगर अब जो वीडियो इंटरनेट पर सामने आ रहे हैं। उसने बहस का बाजार गर्म कर दिया है। इंटरनेट यूजर्स कह रहे हैं कि इसे बनाने में भी करप्शन हो गया। वीडियो बनाने वाला शख्स एक्सप्रेसवे का नजारा दिखाते हुए बताता है कि ‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का रोड इतना गंदा हो रहा है कि मेरे सामने 4 से 5 गाड़ियां अपना बैलेंस खो चुकी है।’ बंदा बताता है कि गाड़ियां गिरते-गिरते बची है। जबकि 2 गाड़ियों के अलॉय व्हील टेढ़े हो चुके हैं। फिर आगे बंदा अपनी गाड़ियों के अलॉय व्हील दिखाता है, जो टेढ़े हो चुके होते हैं। मेरा अलॉय व्हील टेढ़ा हो चुका है!ट्रैव्लर चलाने वाले उस्मान दिखाते हैं कि उनके चक्के का अलॉय व्हील टेढ़ा हो चुका है। इस बीच उनकी गाड़ी में सवार सभी पैसेंजर्स बाहर खड़े नजर आते हैं।

दोस्तो आपको ये बता दूं कि पहला फेज 32 किलोमीटर लंबा इकोनॉमिक कॉरिडोर है। जो दिल्ली के अक्षरधाम शुरू होता है। वहीं DDE का फेज 2, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो करीब 118 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेसवे का फेज तीन 40 किलोमीटर लंबा है। जहां खाने-पीने की चीजें मिल जाती है। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का चौथा फेज वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, 12 किलोमीटर लंबा है। इसे बनाने का खास उद्देश्य जानवरों के लिए एक्सप्रेसवे को क्रास किए बिना ब्रिज के नीचे से गुजरने की व्यवस्था बनाना था। अब जब ये नई चमचमाती तस्वीर सामने आ रह हीं तो कई तरह की प्रतिक्रियांएं सोशल मीडिया में आ रही हैं रोड की क्वालिटी पर सवाल उठाए है। कमेंट सेक्शन में यूजर्स एक्सप्रेसवे की हालत देखकर भड़के हुए नजर आते हैं। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट किया कि ‘टोल तो ऐसे लेते थे जैसे अमेरिका की सड़क बना दी हो।’ दूसरे यूजर ने लिखा कि अभी तो इसका उद्घाटन हुआ था। तीसरे यूजर ने इस जगह की लोकेशन मांगी है। जबकि चौथे यूजर का कहना था कि ‘ये तो स्वर्ग तक सीधा पहुंचा देंगे।– तो सवाल यही है। क्या करोड़ों रुपये की लागत से बना एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया? अगर वायरल वीडियो सही हैं, तो जिम्मेदार कौन है? क्या निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर यह मामला भी सोशल मीडिया की बहस बनकर रह जाएगा? फिलहाल संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। लेकिन अगर सड़क में वास्तव में खामियां हैं, तो उनका समय रहते समाधान होना ज़रूरी है, क्योंकि यहां सवाल सिर्फ एक एक्सप्रेसवे का नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा का भी है।आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताइए। नमस्कार।