Kumoun – Garhwal डेंजर ज़ोन में BJP की हॉट सीटें! । BJP Ticket । MLA । Uttarakhand News

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दोस्तो एक तऱफ बीजेपी की राष्ट्रीय टीम लिस्ट देखी तो लगा उत्तराखंड के बीजेपी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। तरजीह दी गई क्योंकि बीजेपी की नई टीम में उत्तराखंड का दबदबा देखने को मिला इसमें अनिल बलूनी फिर बने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, तीरथ रावत को मिली बड़ी जिम्मेदारी दी गई लेकिन दोस्तो इधर उत्तराखंड में बीजेपी की एक और लिस्ट के लीक होने की चर्चा है। जिसे बड़े लोगों को पसीने से तरबतर कर दिया है, बताउंगा आपको आपको ऐसा क्या है बीजेपी की उस लीक लिस्ट में कि कुमाउं से लेकर गढवाल तक मच गया सियासी हड़कंप। दोस्तो क्या उत्तराखंड BJP के भीतर टिकटों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा महा-विस्फोट होने वाला है? क्या आगामी चुनावी महासमर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कप्तानी में मौजूदा विधायकों की आधी फौज का पत्ता साफ होने जा रहा है? जी हां! दोस्तो ये सवाल इसलिए कुमाऊं मंडल के चोरगलिया में हुई बीजेपी की हाई-प्रोफाइल सांगठनिक बैठक और आलाकमान के सीक्रेट इंटरनल सर्वे से जो महा-रिपोर्ट बाहर आई है, उसने देहरादून से लेकर दिल्ली तक की सियासत हिलाकर रख दी है! खबर है कि कुमाऊं की 11 और गढ़वाल की प्रमुख सीटों को मिलाकर राज्य के कुल 32 विधायकों का टिकट इस बार डेंजर ज़ोन में है, जिनमें कई कद्दावर मंत्री भी शामिल हैं! आखिर कौन हैं वो चेहरे जिन पर आलाकमान की कैंची चलने वाली है? चलिए आपको दिखाता हूं कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के वो नेता और सीट।

दोस्तो उत्तराखंड बीजेपी ने आगामी चुनावों को फतह करने के लिए एंटी-इंकंबेंसी यानी जनता की नाराजगी को खत्म करने का एक नया और बेहद कड़ा चक्रव्यूह तैयार किया है। कुमाऊं मंडल के चोरगलिया में हुई मंडल अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों की मैराथन बैठक के बाद ये साफ हो गया है कि सिटिंग विधायकों को अब परफॉर्मेंस की कसौटी पर कसा जाएगा। पार्टी के सीक्रेट आंतरिक सर्वे में उत्तराखंड की कुल सीटों का जो पोस्टमार्टम किया गया है, उसकी रिपोर्ट इतनी चौंकाने वाली है कि करीब 32 विधायकों की रातों की नींद उड़ चुकी है। आलाकमान ने साफ कह दिया है—अगर जनता और कार्यकर्ता नाराज हैं, तो टिकट कटना तय है। दोस्तो शुरुआत करता हूं, कुमाऊं मंडल से, जहां बीजेपी की 18 सीटों में से 11 सीटों पर एंटी-इंकंबेंसी का ग्राफ सातवें आसमान पर है। नैनीताल की हॉट सीट लालकुआं, जहां मोहन सिंह बिष्ट ने हरीश रावत को मात दी थी, वहां अब स्थानीय गुटबाजी और कार्यकर्ताओं का असंतोष आलाकमान के सर्वे में उभरा है। वहीं उधमसिंह नगर की गदरपुर सीट से कद्दावर नेता अरविंद पांडे के खिलाफ भी तराई में भारी नाराजगी देखी गई है। दोस्तो वहीं पहाड़ी अंचलों की बात करूं तो बागेश्वर की कपकोट सीट सबसे बड़े डेंजर ज़ोन में है, जहां मल्ला दानपुर क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर पिछले एक महीने से चल रहे महा-आंदोलन ने वर्तमान विधायक सुरेश गड़िया का रिपोर्ट कार्ड पूरी तरह बिगाड़ दिया है। दोस्तो अब रुख करता हूं सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी गढ़वाल मंडल की तरफ, जहां से आई विस्फोटक रिपोर्ट ने बड़े-बड़े मंत्रियों के पैरों तले जमीन खिसका दी है। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की सीट को लेकर पार्टी के भीतर ही जबरदस्त खींचतान मची हुई है, जहां स्थानीय विवादों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को सर्वे में हाईलाइट किया गया है।

वहीं श्रीनगर सीट पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के खिलाफ विपक्ष की घेराबंदी और युवाओं के मुद्दों को लेकर सर्वे में सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। पौड़ी गढ़वाल की हॉट सीट कोटद्वार, जहां से विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी विधायक हैं, वहां भी मानसून आपदा प्रबंधन और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच भारी मुखरता देखी गई है, जिसने सर्वे की रेटिंग को तगड़ा झटका दिया है। दोस्तो चोरगलिया की बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि गुजरात और मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी ‘नो-रिपीट फॉर्मूला’ आंशिक रूप से लागू किया जा सकता है। परफॉर्मेंस ही टिकट का एकमात्र आधार होगी, विधायकों को तीन कड़े टेस्ट से गुजरना होगा। पहला टेस्ट है—जनता के बीच उनकी लोकप्रियता की रेटिंग। दूसरा टेस्ट है—स्थानीय संगठन और मंडल अध्यक्षों की संतुष्टि। और तीसरा सबसे बड़ा टेस्ट है—कांग्रेस के मजबूत उम्मीदवार के सामने जीतने की क्षमता। जो भी विधायक इन पैमानों में फेल होगा, उसका पत्ता कटना तय माना जा रहा है। कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक BJP के इन विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार यह साफ बताती है कि पार्टी इस बार चुनाव जीतने के लिए अपनों पर ही कैंची चलाने से गुरेज नहीं करेगी। आपको क्या लगता है, क्या कुमाऊं और गढ़वाल की इन हॉट सीटों पर चेहरे बदले जाने चाहिए? अपनी बेबाक राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। उत्तराखंड की इस सबसे बड़ी राजनीतिक खबर को फेसबुक और यूट्यूब पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। हमारे चैनल को फॉलो और सब्सक्राइब करना न भूलें।