Uttarakhand की बेटियों का कमाल! | PCS Result | Jasmeetkaur Pahwa | Varsha Joshi | Uttarakhand News

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क्या किसान की बेटी भी डिप्टी कलेक्टर बन सकती है?क्या छोटे शहरों और साधारण परिवारों से निकलकर बड़े सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है?इन बेटियों ने साबित कर दिया कि मंजिल तक पहुंचने के लिए हालात नहीं, हौसले बड़े होने चाहिए।किसी के पिता किसान हैं, तो किसी के पिता कारोबारी। लेकिन इन बेटियों की पहचान अब उनके परिवार के पेशे से नहीं, बल्कि उनकी शानदार सफलता से हो रही है। कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर इन बेटियों ने डिप्टी कलेक्टर बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। आखिर कौन हैं ये बेटियां और कैसी रही इनकी सफलता की कहानी, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। दोस्तो उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की पीसीएस परीक्षा 2024 का रिजल्ट जारी हो गया है. इस बार पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चा जसमीत कौर पाहवा की हो रही है जिन्होंने राज्य में पहली रैंक हासिल कर टॉप किया है। खास बात यह है कि जसमीत पहले से ही प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं और वर्तमान में बागेश्वर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हैं.रिजल्ट आने के बाद जसमीत ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास को दिया। उनका कहना है कि अगर व्यक्ति खुद पर भरोसा रखे और लगातार मेहनत करता रहे तो सफलता जरूर मिलती है। दोस्तो जसमीत कौर के लिए यह सफलता और भी खास है क्योंकि उन्होंने नौकरी और ट्रेनिंग के दौरान दोबारा पीसीएस परीक्षा दी थी। इससे पहले भी उन्होंने पीसीएस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी पद के लिए टॉप रैंक हासिल की थी.इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए पूरे उत्तराखंड में पहली रैंक हासिल कर ली। उनकी सफलता ने उन युवाओं को भी प्रेरित किया है जो नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। जसमीत कौर के परिवार में खिशी दिखाई दी तो पिता बेटी का सफलता पर गदगद दिखाई दिए।

दोस्तो जसवंत सिंह पाहवा व्यवसायी हैं जबकि मां मनप्रीत कौर गृहिणी हैं.परिवार में दो भाई भी हैं। एक भाई इंजीनियर हैं जबकि दूसरे भाई ने यूआईडी की पढ़ाई की है। परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई और करियर में पूरा सहयोग दिया। वहीं दोस्तो पीसीएस परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाली वर्षा जोशी भी चर्चा में हैं. हल्द्वानी की रहने वाली वर्षा ने बिना किसी कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की है। वर्षा का कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी धैर्य, अनुशासन और निरंतरता के साथ की जाए तो सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। उनकी सफलता उन छात्रों के लिए बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच तैयारी कर रहे हैं। वहीं दोस्तो पीसीएस परीक्षा में चयनित होने वालों में रुड़की की काजल सैनी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। झबरेड़ा क्षेत्र के खुजैली गांव की रहने वाली काजल का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ है। काजल वर्तमान में सचिवालय में सहायक समीक्षा अधिकारी (एसआरओ) के पद पर कार्यरत हैं। अक्टूबर 2025 में उनकी नियुक्ति इस पद पर हुई थी। दोस्तो काजल के पिता रामकुमार किसान हैं। गांव की बेटी के डिप्टी कलेक्टर बनने से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, लेकिन दोस्तो टिफिन पहुंचाने से डिप्टी कलेक्टर बनने तक का सफर तय करने वाली ऋषिकेश की मीनाक्षी भाटिया ने रचा सफलता का नया इतिहास। मीनाक्षी की जुबानी सुनिए संघर्षो के साथ सफलता के राज। दोस्तो मीनाक्षी ने पीसीएस 2024 5वीं रैंक हासील की है उत्तराखंड पीसीएस 2024 का परिणाम केवल सफल अभ्यर्थियों की सूची नहीं है, बल्कि यह मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की कहानी भी है। जसमीत कौर, वर्षा जोशी और काजल सैनी जैसी उम्मीदवारों ने साबित कर दिया कि सफलता पाने के लिए जरूरी है कि लक्ष्य पर नजर रखी जाए और लगातार मेहनत जारी रखी जाए. यही वजह है कि इस बार का पीसीएस रिजल्ट हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।