चमोली में इंसानियत की मिसाल! डर के बीच ग्रामीणों ने जाल में फंसे भालू की बचाई जान।| Uttarakhand News

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चमोली जिले के थराली ब्लॉक स्थित कुराड़ गांव (लूणगिल तोक) में ग्रामीणों की सतर्कता और सूझबूझ से तार की बाड़ में फंसे एक जंगली भालू को सुरक्षित बचाकर इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की गई है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भोजन की तलाश में जंगल से रिहायशी क्षेत्र की ओर निकला यह भालू खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार के बाड़े में बुरी तरह उलझ गया और रातभर खुद को छुड़ाने के लिए छटपटाता रहा। सुबह जब ग्रामीणों ने भालू की चीख-पुकार सुनी, तो इलाके में कुछ देर के लिए डर और दहशत का माहौल बन गया; लेकिन ग्रामीणों ने भालू को कोई नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत उत्तराखंड वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से वन कर्मियों ने जाल का इस्तेमाल कर घंटों की मशक्कत के बाद भालू को बिना किसी गंभीर चोट के सकुशल बाहर निकाल लिया और वापस घने प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया। पर्वतीय इलाकों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और डर के माहौल के बीच ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई यह दयालुता और तत्परता वन्यजीव संरक्षण और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का एक प्रेरणादायी संदेश देती है।