अंकिता के पिता की राष्ट्रपति से बड़ी मांग! दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकें! | Uttarakhand News

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दिल्ली में इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता का धरना प्रदर्शन आज तड़के पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया, जिसके बाद परिवार ने केंद्र सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 14-15 अक्टूबर की रात को हुए इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पीड़ित परिवार को समर्थन देने पहुंचे थे। पुलिस ने सुबह करीब 3:45 बजे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद सुबह 5 बजे अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो वे देशभर में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, वहीं उनकी मां ने गृह क्षेत्र में ही भूख हड़ताल पर बैठने का एलान किया है।

अंकिता के परिवार की मांग है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी चेहरे’ की सीबीआई (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की कोई भी संवैधानिक नियुक्ति न की जाए। परिवार ने इस मामले में सीधे तौर पर दुष्यंत गौतम पर संलिप्तता का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी ओर भाजपा नेता ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इस मामले में कानूनी तौर पर मानहानि की कार्रवाई शुरू कर दी है। सितंबर 2022 के वनंतरा रिजॉर्ट हत्याकांड में यद्यपि निचली अदालत मुख्य तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है, लेकिन पीड़ित परिवार का मानना है कि पर्दे के पीछे छिपा मुख्य वीआईपी चेहरा अब तक कानून की पहुंच से बाहर है, जिसे बेनकाब करने के लिए वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।