Rishikesh साधु वेश में बांग्लादेशी गिरफ्तार | Security Alert | Illegali Mmigrant | Uttarakhand News

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देवभूमि उत्तराखंड, जहां आस्था और विश्वास की गूंज हर तरफ सुनाई देती है, लेकिन क्या यहां आस्था की आड़ में कोई बड़ा खेल खेला जा रहा था? सवाल ये है कि साधु के वेश में छिपा एक शख्स आखिर कौन था? और क्यों पुलिस को इस पर शक हुआ? क्या ये सिर्फ एक पहचान छिपाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन छिपा था? गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे सामने आए हैं, उसने कैसे सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है, पूरी खबर बताता हूं आपको। दोस्तो जिस साधु रुपी इस बहरुपिये की गिरफ्तारी हुई है उसका भी संबध बांग्लादेश से जुडा है, लेकिन आखिर सच्चाई क्या है? देवभूमि में साधु वेश में छिपे इस रहस्य से जुड़े हर सवाल का जवाब अब जांच के दायरे में है। दोस्तो ये पहला मौका तो है नहीं इससे पहले कई महिलाएं पकड़ में आ चुकी हैं, जो बांग्लादेश के साथ साथ दूसरे देशों की निकली और फर्जी तरकी से उत्तराखंड में रह रही थी। अब इस साधु के भेष में छिपे सनिउर रहमान की गिरफ्तारी से हड़कंप मचा है, सब ये पूछ रहे हैं ये हो क्या रहा है। दोस्तो उत्तराखंड पुलिस ने ऋषिकेश में एक साधु को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि भगवाधारी बन कर रह रहा ये व्यक्ति बांग्लादेशी मुस्लिम है। सनातन धर्म में इस तरह के कालनेमियों की घुसपैठ किसी बड़े षडयंत्र का इशारा तो नहीं है? पुलिस के मताबिक सूचना के आधार पर चलाए गए सत्यापन अभियान में ऋषिकेश लक्ष्मणझूला पुलिस के साथ स्थानीय अभिसूचना विभाग की टीम ने सत्यनिष्ठ आर्य नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया पूछताछ में उसने आधार कार्ड सत्यम इनक्लेव गाजियाबाद पते का दिखाया। दोस्तो जब पूछताछ होई तो पुलिस को शक भी हुआ पुलिस ने जब सख्ती की और उसके कमरे की तलाशी ली तो मालूम हुआ कि उसका वास्तविक नाम सानिउर रहमान है जो कि बंग्लादेशी नागरिक है। इसका वास्तविक पता बैसड़ी मधुखाली फरीदपुर बांग्लादेश है,जो कि उसके पास से बरामद पासपोर्ट में दर्ज है।

दोस्तो चौकाने वाली बात ये है कि आरोपी रहमान के पासपोर्ट की मियाद 2018 में समाप्त हो चुकी है। पूछताछ में मालूम हुआ कि वो नेपाल के रस्ते 2016 में भारत आया और बंगाल, दिल्ली, गाजियाबाद एवं अन्य जगहों पर रहा। दोस्तो पुलिस के अनुसार, आरोपी से अभी और गहनता से पूछताछ की जा रही है कि उसने आखिरकर साधु वेश धारण करके किस किस से संपर्क किया था। दोस्तो योगनगरी ऋषिकेश ने पिछले एक हफ्ते में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से प्रवेश लेकर सनातन वेश में रहकर किसी बड़े षडयंत्र को अंजाम देने की फ़िराक़ में नहीं है, सुरक्षा एजेंसियां इस ओर गहनता से छानबीन कर रही है, लेकिन दोस्तो एक एक बाद एक बाग्लादिशी घुपपैठियों का मिलना क्या कहता है क्योंकि इंटरनेट मीडिया के जरिये बिचौलिए के संपर्क में आई महिला बार्डर पार कर बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में घुस आई थी और उन्होंने अपनी पनाहगाह देवभूमि को ही बनाया था। बंगाल में महिला ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड भी बनवा लिया। वहां से दो दिन पहले महिला ऋषिकेश पहुंची। आरोपित महिला को पुलिस ने ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया। ये इस नए मामले की तरह ही ये वो सारे पूराने मामले हैं। जिनके तार पुलिस अब जोड़ने की कोशिश कर रही होगी। क्या ये सब लोग किसी नेटवर्क के तहत तो उत्तराखंड में नहीं रहे थे क्योंकि दोस्तो बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से ऋषिकेश में आई है।

दोस्तो तब भी नाम ही नहीं दस्तावेज तक बदले गये थे। पूछताछ में महिला ने अपना नाम 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता पत्नी जुलहस निवासी सरियातपुर ढाका डिवीज़न बांग्लादेश बताया। महिला ने बताया कि वह करीब एक माह पूर्व एक व्यक्ति के जरिये अवैध रूप से भारत पहुंची। वहीं दोस्तो ऋषिकेश में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला को लाने वाला बिचौलिया अब तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती के बाद बिचौलिए ने बांग्लादेशी महिला को भारत में नौकरी लगाने का झांसा दिया था। उक्त महिला को नटराज चौक के पास से पकड़ा गया था तो दोस्तों, सवाल अब सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है। सवाल यह है कि आखिर देवभूमि उत्तराखंड में इस तरह की घुसपैठ के पीछे कितना बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?क्या यह केवल कुछ अलग-अलग मामले हैं या फिर इसके तार किसी संगठित रैकेट से जुड़े हुए हैं? और सबसे बड़ा सवाल—सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे लोग कैसे फर्जी पहचान के सहारे सिस्टम में घुसने में कामयाब हो रहे हैं?फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर एंगल से जांच में जुटी हैं, लेकिन यह पूरा मामला कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है।अब देखना होगा कि जांच आगे क्या सच सामने लाती है और इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं।हम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं हर अपडेट सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।