Gadarpur में धर्मांतरण पर बवाल! | Rudrapur | Conversion Allegation | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो अपने उत्तराखंड में धर्म परिवर्तन का खेल बड़े लेवल पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। कैसे लालच देकर दबाव डालकर धर्मांतरण का बड़ा खेला हो रहा है, वो भी गुपचुप तरीके से ये बताने के लिए मै आज आया हूं हालांकि कुछ कमियां हमारी भी हैं, लेकिन एक लड़कि का पहले जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया फिर हुई शादी और शादी के बाद क्या हुआ। धर्मांतरण पर बवाल, इसी खबर के साथ आया हूं और थोड़ा आपको और आपके बच्चों का आगाह करने भी इसलिए थोड़ा सोचसमझ कर उठाना कोई भी कदम कहीं ऐसा ना हो की बाद में पचताना पड़े। दोस्तो दोस्तो ये खबर अपने उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र से हैं यहां कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न से जुड़े एक मामले ने प्रशासन में हड़कंप मचाने का काम किया है। दोस्तो एक महिला की शिकायत पर जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। महिला ने आरोप लगाया है कि उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और शादी के बाद उसे व उसके परिवार को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। दरअसल, दोस्तो महिला ने कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न को लेकर जिला प्रशासन को शिकायत देते हुए गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला का कहना है कि, उसका धर्म परिवर्तन कराया गया था और इसके बाद उसकी शादी कराई गई। पीड़िता के अनुसार, विवाह के बाद उसे ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इसके अलावा दोस्तो महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिजनों पर भी धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि परिवार के सदस्यों को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करने और उन पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोस्तो मामला बेहद गंभीर होने पर प्रशासनिक अमला भी बेहद चिंतित दिखाई दिया और तुरंत कार्रवाई को अंजाम दिया गया। दोस्तो जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र और गदरपुर की उपजिलाधिकारी रिचा सिंह प्रशासनिक टीम के साथ पीड़िता के घर पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना व मामले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि प्रशासन द्वारा पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में आवश्यक दस्तावेज और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले के हर पहलू की निष्पक्षता के साथ जांच कर रहा है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दोस्तो प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा जबरन अथवा अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराया गया है या किसी प्रकार का दबाव बनाया गया है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोस्तो फिलहाल प्रशासनिक टीम मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग भी जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस पूरे मामले में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन सच क्या है इसका फैसला प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा। सवाल यह है कि क्या महिला के आरोपों में दम है? क्या वास्तव में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया था? क्या शादी के बाद प्रताड़ना और परिवार पर दबाव डालने के आरोप साबित हो पाएंगे? या फिर जांच में कोई और तस्वीर सामने आएगी?इन सभी सवालों के जवाब अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर निर्भर हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कानून का शिकंजा कसना तय है, लेकिन अगर आरोपों की पुष्टि नहीं होती तो कई और सवाल खड़े होंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर इस मामले की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।