दोस्तो उत्तराखंड में एक बार फिर बुलडोजर की गूंज सुनाई दी है आखिर प्रशासन ने अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों शुरू की? भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जब धार्मिक ढांचों पर बुलडोजर चला, तो माहौल क्यों अचानक गरमा गया? धार्मिक संरचनाओं पर हुई इस सख्त कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए है, वो एक तरफ और सरकारी सख्ती दूसरी तरफ कैसे अवैध मस्जिद -मजारों पर हुआ तगड़ा एक्शन। दोस्तो उत्तराखंड के रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गूलरभोज और दिनेशपुर क्षेत्र में बनी कई धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत की गई। दोस्तो, प्रशासन के अनुसार, जिन धार्मिक संरचनाओं को हटाया गया, वे सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थीं। करीब तीन महीने पहले प्रशासन द्वारा इन स्थानों का सर्वे किया गया था, जिसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। दोस्तो हैराना की बात ये कि पहले चोरी फिर सीना जोरी, प्रशान की सख्त चेतावनी का असर अवैध अतिक्रमणकारियों कब्जाधारियों इतना सा भी नहीं हुआ। दोस्तो प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अतिक्रमणकारियों ने न तो वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए और न ही निर्माण की कोई अनुमति दिखाई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया।
दोस्तो अवैध कब्जाधारकों ने कार्रवाई से बचने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पहले उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जहां उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद कुछ मामलों में सुप्रीम कोर्ट से स्थगन आदेश लिया गया, लेकिन जिन धार्मिक संरचनाओं पर कोई स्थगन आदेश नहीं था, उन्हें प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। सुबह तड़के प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर तीन प्रमुख धार्मिक संरचनाओं को गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। दोस्तो प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी पुलिस भी एक्टिव नजर आ रही है। दोस्तो जिन संरचनाओं को हटाया गया, उनके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी और न ही भूमि से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन लोगों ने अभी तक अतिक्रमण हटाया नहीं है, उन्हें भी जल्द कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सवाल अब यहीं खड़ा होता है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक प्रशासनिक अभियान है, या फिर लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों पर अब सख्ती का नया दौर शुरू हो चुका है? क्या सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की यह मुहिम आने वाले दिनों में और तेज होगी, और क्या जिन लोगों ने अभी तक नियमों की अनदेखी की है, उनके लिए भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं? भारी पुलिस बल और बुलडोजर की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है, लेकिन आगे तस्वीर क्या मोड़ लेगी, यह देखने वाली बात होगी।