सावधान..! भारी बारिश का RED ALERT! Heavy Rain Weather Uttarakhand News

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क्या उत्तराखंड में मॉनसून ने आते ही रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है? क्या पहाड़ से लेकर मैदान तक आफत की बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है? और क्या केदारनाथ यात्रा पर भी मौसम की मार पड़ने लगी है? कैसे हुई उत्तराखंड में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री और पूरे प्रदेश में मचा दी खलबली। केदारनाथ हाईवे पर हुए लैंडस्लाइड ने कैसे सांसों को थाम दिया बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो उत्तराखंड में मॉनसून की धमाकेदार एंट्री के साथ ही कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ हाईवे पर कई जगह मलबा और पत्थर गिरने से यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों से मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की जा रही हैययआखिर किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है, चारधाम यात्रा पर कितना असर पड़ा है और प्रशासन ने क्या एडवाइजरी जारी की है। जनपद रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल की सीमा पर स्थित सिरोबगड़ के पास भारी मलबा और पत्थर आने के कारण मार्ग अभी भी अवरुद्ध है। लगातार वर्षा के बीच सोनप्रयाग–गौरीकुंड यात्रा मार्ग पर मुनकटिया के समीप भूस्खलन से मार्ग प्रभावित हुआ है।उत्तराखण्ड पुलिस एवं SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से मार्ग पार कराने के साथ स्थानीय प्रशासन के समन्वय से आवश्यक सहायता प्रदान कर रही हैं। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा करें।

दोस्तो उत्तराखंड में बारिश का कहर, उफान पर अलकनंदा, शिव मूर्ति डूबने के करीब, सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा प्रभावित- लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है, नदियां उफान पर हैं, अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही उसका रौद्र रूप लोगों में चिंता का कारण बन गया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती जलधारा में समा गई है. प्रतिमा के चारों ओर तेज वेग से बहता पानी मानसून की भयावह तस्वीर बयां कर रहा है. सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। दोस्तो उत्तराखंड में करीब 10 दिन की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 30 जून को दस्तक दे दी। मॉनसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। देहरादून स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के शेष क्षेत्रों में भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर मॉनसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। दोस्तो मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट किया है। इनके अलावा टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और हरिद्वार जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं दोस्तो प्रशासन की यात्रियों से अपील की है कि नदी, नालों और गदेरों के किनारे जाने से बचें।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें।

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें। चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। दोस्तो भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। मॉनसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। मानसून की पहले बरसात ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। हिमाचल में चंबा के सलूणी की लनोट पंचायत में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा खिसककर सीधे लोगों के घरों की छतों पर आ गया। कई मकानों के अंदर भी पानी के साथ कीचड़ और पत्थर घुस गए। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले और आसपास के इलाकों में भारी बारिश। भलेसा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़ और मलबा आने से कई सड़कें बंद हो गई। दोस्तो आमतौर पर उत्तराखंड में मॉनसून 20 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष देशभर में मॉनसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। इसी कारण उत्तराखंड में भी मॉनसून लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचा। हालांकि अब इसके सक्रिय होने के बाद प्रदेशभर में अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।