दोस्तो सावधान! उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा मार्गों पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, तो कहीं सड़कें बाधित हो रही हैं। सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं? क्या चारधाम यात्रा पर मौसम का बड़ा असर पड़ने वाला है? आखिर मौसम विभाग ने ऐसा कौन सा अलर्ट जारी किया है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है? क्या यात्रियों को अपनी यात्रा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है? और क्या पहाड़ों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है?डरावने मंजर के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा और लोगों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा? चमोली जिले में बारिश शुरू होते ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। पीपलकोटी के समीप भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया है। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रा वाहनों को सेमलडाला मैदान में रोक दिया गया है। एनएचआईडीसीएल की मशीनें मौके पर तैनात हैं और मार्ग खोलने के लिए मलबा हटाने का कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बारिश जारी रहने के कारण क्षेत्र में और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
दोस्तो इधर मौसम विभाग ने उत्तराखंड में तीन दिन के लिए बारिश का अलर्ट जारी, एहतियात बरतने की सलाह। मौसम विभाग देहरादून के मुताबिक, 5 जून से 7 जून तक उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा है। दोस्तो मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए आगामी तीन दिनों तक बारिश, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल समेत कई जिलों में गरज के साथ बिजली चमकने, ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दोस्तो पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में भी तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों तथा हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चारधाम यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए मौसम विभाग सतर्क रहने के लिए कह रहा है, तो दोस्तो, उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं यात्रियों को घंटों तक रुकना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन मौसम की मार से राहत मिलती फिलहाल नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने भी अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले दिन और मुश्किलें लेकर आएंगे? क्या चारधाम यात्रा पर मौसम का असर और गहरा होगा। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही कोई नया अपडेट मिलेगा, हम आपको सबसे पहले जानकारी देंगे।