दोस्तो, पढ़ाई का सवाल है, इसलिए बवाल है, युवाओं का गुस्सा है, इसलिए दिल्ली का जंतर-मंतर फिर से गरम है।एक तरफ छात्र हैं, दूसरी तरफ सरकार है और अब कैसे उत्तराखंड से भी इस आंदोलन को खुला समर्थन मिलने लगा है वो भी बातउंगा आपको। दोस्तो, दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस आंदोलन की गूंज अब उत्तराखंड तक पहुंच गई है। अल्मोड़ा के गांधी पार्क में धरना दिया गया, जुलूस निकाला गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। वहीं कोटद्वार के चर्चित मोहम्मद दीपक भी जंतर-मंतर पहुंचे और मंच से अपनी बात रखी। अब सवाल यह है कि क्या छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचेगी? क्या इस्तीफे की मांग और तेज होगी? और आखिर उत्तराखंड से दिल्ली तक उठ रही इस आवाज का राजनीतिक और सामाजिक असर क्या होगा? दोस्तो पहले आप देश के दिल कहे जाने वाले इस शहर का हाल देखिए कैसे बेहाल दिखाई दिए युवा। दिल्ली में युवाओं और छात्रों का एक विशाल विरोध प्रदर्शन और ‘संसद मार्च’ जंतर-मंतर पर आयोजित किया गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के बैनर तले हजारों की संख्या में युवा परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। भारी भीड़ के कारण कई मेट्रो स्टेशन भी प्रभावित हुए। दोस्तो जहां एक तरफ हजारों छात्र और समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में जुटे, जहां कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से पहली औपचारिक पहल देखने को मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने आंदोलन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे या अन्य प्रमुख मांगों पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं दोस्तो दूसरी तरफ उत्तराखंड के कई जिलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी, मांग के जरिए दिल्ली जंतर मंतर पर चल रहे धरने प्रदर्शन के समर्थन में अल्मोड़ा गांधी पार्क में चल रहा धरना इसकी गवाही दे रहा है। इतना ही नहीं दोस्तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर चल रहे धरने प्रदर्शन के समर्थन में अल्मोड़ा गांधी पार्क से निकला जुलुश। दोस्तो, फिलहाल इतना साफ है कि यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली के जंतर-मंतर तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी गूंज अब उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सुनाई देने लगी है। कहीं धरना है, कहीं जुलूस है और कहीं छात्रों के समर्थन में आवाजें बुलंद हो रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी? क्या शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे? फिलहाल सरकार की ओर से बातचीत की शुरुआत हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत अन्य मांगों पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।