Dehradun का डार्क नेटवर्क EXPOSED! | Homestay Scam | Savin Bansal | CM Dhami | Uttarakhand News

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देहरादून, जो अपनी शांत वादियों और सुकून भरे माहौल के लिए जाना जाता है, लेकिन अब उसी शहर से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रात की रंगीनियों का ऐसा नेटवर्क, जहां पॉश इलाकों में बेधड़क डील होती रही और पूरा खेल चलता रहा ऑनलाइन बुकिंग के मायाजाल के जरिए! लेकिन अब इस पूरे डार्क नेटवर्क पर बड़ा एक्शन हुआ है और कई राज खुलकर सामने आ रहे हैं। सवाल ये है कि आखिर देहरादून के पॉश इलाकों में ये नेटवर्क कब से चल रहा था?कौन लोग इसके पीछे हैं?ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा था?और सबसे बड़ा सवाल—क्या ये नेटवर्क अब पूरी तरह खत्म हो पाएगा?इन्हीं सवालों के जवाब लेकर हम आए हैं इस खास रिपोर्ट मे। दोस्तो देहरादून में शुरू की गई होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय परिवारों को अतिरिक्त आय देना और पर्यटकों को घर जैसा अनुभव उपलब्ध कराना था। लेकिन समय के साथ यह योजना अपने मूल उद्देश्य से भटकती नजर आने लगी। अब कई जगहों पर होमस्टे की आड़ में पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। दोस्तो प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि कई होमस्टे पूरी तरह होटल की तरह चलाए जा रहे हैं। भवन मालिक खुद वहां नहीं रहते, बल्कि पूरे मकान को किराये या लीज पर बाहरी संचालकों को दे दिया जाता है। इन जगहों पर देर रात तक पार्टियां होती हैं, बाहरी लोगों का ठहराव होता है और नियमों की खुली अनदेखी की जाती है। धीरे-धीरे इनका स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और निजी एजेंसियों के माध्यम से इन होमस्टे का प्रचार किया जा रहा है, जिससे यह पूरी तरह व्यावसायिक कारोबार बन चुका है। लोग सीधे कमरे बुक कर रहे हैं, जिससे स्थानीय निगरानी और नियमों का पालन और भी कमजोर हो गया है। शुरुआत में बड़े मकानों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कराया गया, लेकिन बाद में उनमें अतिरिक्त कमरे जोड़ दिए गए और होटल जैसा संचालन शुरू कर दिया गया। मालिक की जगह बाहरी मैनेजर संचालन करने लगे। ऑनलाइन बुकिंग के जरिए सीधे किराये पर कमरे दिए जाने लगे और इन स्थानों पर पार्टियां व निजी आयोजन भी होने लगे।

दोस्तो दरअसल, दून के कई प्रमुख और पॉश इलाकों में होमस्टे तेजी से बढ़े हैं। राजपुर और मसूरी रोड, सहस्रधारा रोड, वसंत विहार, बल्लूपुर, पंडितवाड़ी और अजबपुर जैसे क्षेत्रों में यह ट्रेंड तेजी से देखा गया है। पर्यटन मार्गों और शांत आवासीय कॉलोनियों में इनकी संख्या अधिक बढ़ी है, जहां पर्यटकों की आवाजाही भी ज्यादा रहती है। दोस्तो प्रशासनिक जांच में कई होमस्टे में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मसूरी-लंढौर क्षेत्र में कुछ होमस्टे होटल की तरह संचालित होते मिले, जहां रसोई तक नहीं थी। सिनोला-भगवंतपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर मालिक अनुपस्थित पाए गए और पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। ISBT और जीएमएस रोड क्षेत्र में विदेशी नागरिकों को बिना सूचना ठहराने, बारातघर की तरह उपयोग और दस्तावेजों की कमी जैसी अनियमितताएं सामने आईं। डालनवाला, रेसकोर्स, बल्लूपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी कई होमस्टे या तो बंद मिले या नियमों के विरुद्ध संचालित होते पाए गए।दोस्तो देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि Dehradun के कई पॉश इलाकों में होमस्टे के नाम पर रातभर निजी पार्टियां, तेज संगीत और शराबखोरी का माहौल बना हुआ था, जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान थे। ये होमस्टे कागजों में तो गृह आवास थे, लेकिन असल में होटल, पार्टी स्पॉट और देर रात तक हुड़दंग के अड्डे बन चुके थे। दोस्तो कई जगहों पर बिना सत्यापन बाहरी लोगों का ठहराव, रातभर डीजे, शराब परोसना और नशे में तेज रफ्तार वाहन चलाने जैसी गतिविधियां भी पाई गईं। अब इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है दोस्तो जहां ये होमस्टे योजना स्थानीय विकास के लिए बनाई गई थी, वहीं अब यह कई जगहों पर अवैध गतिविधियों का केंद्र बनती जा रही है। प्रशासन की सख्ती और निगरानी ही तय करेंगी कि इस योजना का भविष्य क्या होगा तो दोस्तों, देहरादून में होमस्टे के नाम पर चल रहे इस पूरे खेल ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक योजना जो स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाई गई थी, वही अब कई जगहों पर नियमों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों का जरिया बनती नजर आ रही है। अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन की ये सख्ती इस पूरे नेटवर्क पर लगाम लगा पाएगी?क्या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी?और सबसे अहम—क्या होमस्टे योजना फिर से अपने मूल उद्देश्य पर लौट पाएगी?फिलहाल कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन असली चुनौती इस सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की है।