जी हां दोस्तो हरिद्वार से धामी सरकार का बड़ा सियासी संदेश! एक तरफ कैबिनेट की बैठक में 13 प्रस्तावों पर मुहर, दूसरी तरफ हर की पौड़ी पर पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का जश्न! लेकिन असली सियासी गर्मी तब बढ़ी, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SIR के मुद्दे पर कांग्रेस को सीधे निशाने पर ले लिया! आंकड़े दिखाकर विपक्ष पर वार, भ्रम फैलाने का आरोप और 2027 से पहले सियासत गरम! आखिर धामी कैबिनेट के 13 फैसले क्या हैं? और वोटर लिस्ट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को क्या जवाब दिया? दोस्तो सचिवालय के बंद कमरों से निकलकर जब सूबे की सरकार सीधे जनता के द्वार पहुंच जाए, तो सियासत की तपिश बढ़ना लाज़मी है! जी हां, तीर्थ नगरी हरिद्वार आज एक बड़े ऐतिहासिक सियासी घटनाक्रम का गवाह बनी, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महा-बैठक आयोजित की गई। मेला नियंत्रण भवन में हुई इस बैठक में विकास से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। लेकिन यह बैठक सिर्फ फैसलों तक सीमित नहीं रही—मुख्यमंत्री ने हर की पौड़ी पर मां गंगा की आरती कर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों का जश्न मनाया, वहीं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक हमला बोला है!
क्या है धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले और क्यों वोटर लिस्ट पर देवभूमि की राजनीति में उबाल आ गया है? दोस्तो हर की पौड़ी के पावन तट पर गूंजते मंत्रोच्चार और मां गंगा की महा-आरती—यह शुरुआत थी हरिद्वार में आयोजित हुई धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ मिलकर सबसे पहले मां गंगा का आशीर्वाद लिया। यह पूजा-अर्चना केवल एक रस्म नहीं थी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों के बेमिसाल सार्वजनिक जीवन की स्वर्ण उपलब्धियों के जश्न का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने रक्षा, अंतरिक्ष, बुनियादी ढांचे और खेल समेत हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं और आज देश की आर्थिक सामर्थ्य का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। दोस्तो गंगा पूजन के बाद मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) के सभागार में कैबिनेट की बैठक शुरू हुई, जहां विकास की रफ्तार को बढ़ाने वाले 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। देहरादून के सचिवालय से बाहर हरिद्वार में बैठक आयोजित करने के पीछे मुख्यमंत्री धामी ने साफ और पवित्र मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मानना है कि जनता से जुड़े बड़े फैसले सीधे जनता के बीच और उनके सम्मुख ही लिए जाने चाहिए, ताकि विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
इन 13 प्रस्तावों में हरिद्वार और पूरे उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे व जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले शामिल हैं। दोस्तो लेकिन इस कैबिनेट बैठक का सबसे आक्रामक पहलू तब सामने आया जब मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया. पिछले कई दिनों से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सरकार पर हमलावर थे। मुख्यमंत्री धामी ने सीधे कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप मढ़ दिया। कांग्रेस के पुराने बयानों और अतीत में उत्तराखंड के भीतर अलग-अलग वर्षों में मतदाताओं की संख्या में हुए बड़े बदलावों के आंकड़े सामने रखते हुए सीएम ने तीखा सवाल पूछा—कि जब मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक सामान्य और निरंतर चलने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जो पहले भी कई बार हुई है, तो आज इस पर बेवजह सवाल उठाकर राजनीतिक विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है? दोस्तो मुख्यमंत्री ने साफ लफ्ज़ों में हिदायत दी कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को सियासी रोटियां सेकने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार का एकमात्र लक्ष्य जनकल्याण और राज्य का सर्वांगीण विकास है। अब समय आ गया है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस कड़क और सीधी बाइट को सुनने का, जिसने विपक्ष के सारे आरोपों की हवा निकाल दी है। दोस्तो हरिद्वार से शुरू हुई यह नई सियासी जंग और कैबिनेट के इन 13 फैसलों ने 2027 के चुनावों से पहले राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। सरकार के इन बड़े फैसलों और एसआईआर पर मुख्यमंत्री के इस आक्रामक रुख पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। उत्तराखंड की हर बड़ी और राजनीतिक हलचल के लिए इस वीडियो को शेयर करें।