स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही मंत्री सुबोध उनियाल पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं और लगातार अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटे हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दून मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद निर्देश दिए की बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही बाहर से दवाई लिखी जाएगी और अगर कोई गरीब है तो आयुष्मान से भुगतान किया जाएगा. उसके साथ ही लगातार सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की कमी के चलते स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द ही सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को अस्पताल में पेमेंट बेसिस पर रखने को लेकर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है और अस्पताल में एमआरआई मशीन की कमी को दूर करने के लिए भारत सरकार से बातचीत की जा रही है।