उत्तराखंड के नैनीताल जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है, पिछले 10 दिनों के अंदर नैनीताल जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष की दो बड़ी घटनाएं हुई जिसमें दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, इन घटनाओं के बावजूद भी नैनीताल जिले के अलग-अलग इलाकों में लेपर्ड का मूवमेंट बना हुआ है जिससे लोग दहशत में हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने मानव वन्य जीव संघर्ष को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि इन घटनाओं पर सरकार जिम्मेदारी तय करने जा रही है। पिछले 10 दिनों में मानव जीव संघर्ष की घटनाओं में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, फॉरेस्ट की टीम एक्शन में आयी तो तो एक बाघ और 2 गुलदार ट्रेकयुलाइज़ हुए, बावजूद इसके रानीबाग, गोरा पड़ाव इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट लगातार बना हुआ है, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया की सरकार मानव जीवन संघर्ष की घटनाओं पर गंभीर नहीं है, इस पर सरकार को ठोस योजना बनाने की जरूरत है।
मानव वन्य जीव संकट की घटनाओं पर CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार इन घटनाओ पर सख्त है, सरकार के लिए आम जनता की सुरक्षा प्राथमिकता है, मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं पर जिम्मेदारी तय होगी क्योंकि मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं सरकार के लिए बहुत चिंता का विषय है। नैनीताल जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं सरकार के लिए तो चिंता का विषय है ही, लेकिन आप इन घटनाओं ने आम जनता की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं, जगह जगह लेपर्ड की मूवमेंट से लोगों में दहशत है, और अब समय आ गया है की बढ़ाते मानव वन्य जीव संघर्ष को लेकर सरकार को कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है।