नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 अभियंताओं (इंजीनियरों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। Jeolikote Drinking Water Case क्षेत्र में प्रदूषित पानी की सप्लाई के कारण पीलिया और डायरिया जैसी जल-जनित बीमारियों का भयानक प्रकोप फैल गया था, जिसकी चपेट में आने से 400 से अधिक लोग बीमार हो गए और कुछ स्थानीय नागरिकों की जान भी चली गई। कुमाऊं कमिश्नर और जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद, शासन ने प्रभारी अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंताओं सहित छह दोषियों पर निलंबन की यह गाज गिराई है।
इस गंभीर मानवीय लापरवाही का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने भी सरकार और संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्थिति को ‘महामारी’ के समान बताया था। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बीमार लोगों की निगरानी कर रही हैं, जबकि लापरवाह जल प्रबंधन तंत्र में व्यापक सुधार के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें जारी हैं।