Karnaprayag निहंग विवाद में कोर्ट का बड़ा फैसला! | Court | Bail | Law And Order | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड निहंग विवाद में नया मोड़ . और बड़ी खबर ये कि निहंग के दो दिन के अल्टीमेटम से पहले ही कोर्ट ने चारों आरोपियों को दे दी जमानत। कैसे और क्या कहा कोर्ट ने इस हिला देने वाले मामले में बताउंगा आपको पूरी खबर और हां क्या कर्णप्रयाग निहंग विवाद में अब सबसे बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है? क्या चारों आरोपियों को मिली जमानत से इस मामले की दिशा बदलने वाली है? और अब आगे पुलिस की जांच और कोर्ट की सुनवाई किस तरफ बढ़ेगी? दोस्तो उत्तराखंड के चर्चित कर्णप्रयाग निहंग विवाद में कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को जमानत दे दी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है। केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और पुलिस की विवेचना भी अपने तय कानूनी दायरे में चलती रहेगी।आखिर कोर्ट ने किन आधारों पर जमानत दी? अब इस केस में आगे क्या होगा? और इस फैसले का पूरे विवाद पर क्या असर पड़ सकता है? दोस्तो मै आपको जमानत वाली खबर बताउं उससे पहले एक चेतावनी निहंगों की दिखाना चाहता हूं और दिखाना चाहता हूं निहंगों द्वारा दिया गया वो अल्टीमेटम भी। जी हां दोस्तो निहंगों का उत्तराखंड सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम था। दो दिन का और 4 मांगें पूरी न होने पर बैरियर तोड़ने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन इधर बड़ी खबर ये निकल कर आई की कर्णप्रयाग विवाद में गिरफ्तार चारों निहंग को कोर्ट ने जमानत दे दी।

दोस्तो आपको बता दूं कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने शनिवार को मामले की सुनवाई के बाद चारों निहंग सिख श्रद्धालुओं की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में तीन आरोपी पुरसाड़ी जेल में निरुद्ध थे,जबकि एक आरोपी एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन होने के साथ न्यायिक अभिरक्षा में था।अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सतविन्द्र सिंह,अजय सिंह,जसनप्रीत सिंह,मनप्रीत सिंह चारों आरोपियों को जमानत दी हैं। दोस्तो बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहन पंत ने पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष जमानत का पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 50,000 रुपये के बंधकपत्र या दो दो जमानतियों के साथ जमानत देने का आदेश पारित किया। दोस्तो गौर करने वाली बात ये कि 16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद मारपीट की घटना सामने आई थी।इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विवेचना हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी गई थी। अब अदालत से जमानत मिलने के बाद चारों आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पूरी की जाएगी, लेकिन दोस्तो यहां ये भी जान लीजिए कि की वो चार मांग क्या थी। निहंगों ने गिरफ्तार चारों निहंगों की तत्काल रिहाई, घायल निहंग के बेहतर उपचार, मुकदमा दर्ज करने वाले व लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और निहंग प्रतिनिधियों को कर्णप्रयाग जाकर गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति की मांगें रखी। इसके बाद गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति दे दी गई। अन्य मांगों के लिए देहरादून पुलिस-प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा। निहंगों ने अल्टीमेटम दिया कि यदि मांग पूरी न हुई तो रविवार शाम को वह उत्तराखंड की सीमा में बैरियर तोड़कर घुस जाएंगे, तो क्या अब मामला शांत हो जाएगा या फिर इस मामले में कुछ नया देखने को मिलता है। ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन आप अपनी राय निहंगो मिली जमानत पर और निहंगों की धमकी पर जरूर दीजिएगा।