टैग लाइन- Karnaprayag निहंग कांड पर सियासी संग्राम! Nihang Sikh BJP Congress Uttarakhand News

Spread the love

जी हां दोस्तो उत्तराखंड में बीते कुछ वक्त से एक एक बाद एक कई कांड हो रहे हैं, कभी पर्यटक तो कभी तीर्थ यात्री, उत्तराखंड की किरकिरी दर किरकिरी हो रही है, लेकिन ऐसे मामलों में सियासी चुप्पी के नहीं टूटने पर सवाल खड़ा हुआ लेकिन अब जब थोड़ा मामला शांत होता दिखाई दिया तो प्रदेश की सत्ता सीन बीजेपी और सत्ता में आने का सपना संजोए बैठी कांग्रेस की चुप्पी टूटी है। कैसे निहंग कांड पर अब शुरू हुआ सियासी संग्राम बताउंगा आपको और साथ दिखाउंगा आपको कांग्रेस बीजेपी के बयान। दोस्तो उत्तराखंड में निहंग सिखों से जुड़े विवाद ने अब सियासी रंग भी ले लिया है। एक ओर धामी सरकार की कार्रवाई को लेकर बीजेपी खुलकर बचाव में उतर आई है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। दोस्तो क्या सरकार ने पूरे मामले में संयम और कानून के दायरे में कार्रवाई की, जैसा बीजेपी का दावा है? या फिर शुरुआत में हुई चूक ने पूरे विवाद को और बढ़ा दिया, जैसा कांग्रेस आरोप लगा रही है? आखिर निहंग कांड पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने क्यों हैं? किसने क्या कहा और इस पूरे विवाद पर अब सियासत किस दिशा में बढ़ रही है। दरअसल दोस्तो कर्णप्रयाग प्रकरण में घायल होकर एम्स अस्पताल में भर्ती निहंग सिख ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की खुलकर सराहना की है। घायल निहंग सिख का कहना है कि घटना के दौरान उनकी टांग में फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए करीब आधे घंटे के भीतर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनका तुरंत इलाज शुरू कराया गया और पुलिस प्रशासन ने पूरे समय हर संभव सहयोग किया। उनका कहना है कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। ये तस्वीर तब है जब पोंटा साहिब के गुरुद्वारे में अभी भी निहंग का जत्था डेरा डाले हुए है और उत्तराखंड की सरकार और सिस्टम को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है, नहीं तो फिर वहीं होगा जो बीते दो तीन रोज हुआ।

खैर दोस्तो अब मै आपको इस पूरे घटना क्रम पर सियासी शोर दिखाता हूं। आपको अपनी राय बनाने में आसानी होगी इसके बाद दोस्तो बीजेपी की सरकार है तो जाहिर सी बात है बीजेपी तो सरकार का साथ देगी ही लेकिन इस पूरे मामले को संभालने में सरकार की एक्टिवनेस कितनी रही ये आप भी बता सकते हैं। दोस्तो बीजेपी सांसद नरेश बंसल ने धामी सरकार द्वारा जिस तरह से निहग सिख मामले पर गंभीरता और सयंम के तरहत कार्यवाई की उसकी तारीफ की उनके अनुसार सरकार का काम किसी के बीच दुश्मनी फैलाना नहीं हैं सरकार क़ो अपने राज्य मे अमन और शांति चाहिए जिसके लिए धामी सरकार काम कर रही हैं। दोस्तो सही भी है उत्तराखंड मे निहंग सिख और उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के बीच शुरू हुआ गतिरोध लगातार भयंकर रूप लें रहा हैं। वही देहरादून और कर्ण प्रयाग मे जिस तरह से निहंग सिखों के साथ पुलिस ने व्यवहार किया उसपर कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सवाल खडे किए हैं उनके अनुसार प्रदेश मे क़ानून व्यवस्था के हाल हम देख रहें हैं कैसे हैं। तो दोस्तों, निहंग विवाद अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इस पर सियासत भी तेज हो चुकी है। एक तरफ बीजेपी धामी सरकार की कार्रवाई को समयबद्ध और संतुलित बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे सरकार की बड़ी चूक और कानून-व्यवस्था की कमजोरी बता रही है।हालांकि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, पुलिस जांच क्या निष्कर्ष निकालती है और सरकार स्थिति को किस तरह संभालती है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी। ऐसे संवेदनशील मामलों में शांति, कानून का पालन और तथ्य आधारित कार्रवाई सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। अब आप बताइए। इस पूरे मामले में आपको किसकी दलील ज्यादा मजबूत लगती है? क्या सरकार ने समय पर और पर्याप्त कार्रवाई की या विपक्ष के सवालों में दम है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए। वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, और उत्तराखंड की हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए उत्तराखंड न्यूज़ को सब्सक्राइब करना न भूलें।