दोस्तो एक बड़ी खबर के साथ आया हूं हाल में उत्तराखंड की सीमा कुल्हाल गेट कांड पर अब बड़ा एक्शन होता दिखाई दे रहा है। हुड़दंगी निहंगों पर हुई एफआईआर के बाद जो सवला हैं वो ये कि क्या कानून को चुनौती देने की इजाज़त किसी को दी जा सकती है। क्या बैरिकेडिंग तोड़ना, पुलिस पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करना और हथियार लहराकर दहशत फैलाना बर्दाश्त किया जा सकता है? शायद नहीं, इस बात का बड़ा संकेत मिल चुका है पूरी खबर बताता हूं। दोस्तो कुल्हाल गेट कांड में अब बड़ा एक्शन हुआ है। बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने और ह’त्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में अज्ञात निहंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आखिर उस दिन क्या हुआ और पुलिस ने किन धाराओं में कार्रवाई की है, वो सब बताउंगा आपको। दोस्तो एक तस्वीर जो हाल में उत्तराखंड की सीमा कुल्हाल गेट से आई वो पूरे देश में घूम रही है और चर्चा इस बात की जोर पड़कती हुई दिखाई दी है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और करने की इजाजत कैसे दी गई और क्यों नहीं त्वरित एक्शन हुआ, लेकिन अब जो खबर है वो ये कि बड़े एक्शन की तैयारी हो चुकी है। दोस्तो बात गुरुवार रात की है जब चंडीगढ़ से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए निहंग सिखों के पहले जत्थे ने बैरिकेडिंग के बावजूद कुल्हाल बैरियर तोड़कर उत्तराखंड में जबरन प्रवेश कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात निहंगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया है। दोस्तो पुलिस का आरोप है कि बड़ी संख्या में निहंग सिखों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास करने, हथियार लहराकर भय फैलाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हुईं हैं।
दोस्तो जो जानकारी मिल रही है वो कि एफआईआर में सोशल मीडिया के माध्यम से 25 जून को अधिक से अधिक पंजाब से निहंगों सिखों से कर्णप्रयाग पहुंचने की अपील की गई थी। दोस्तो जब निहंगों ने उत्तराखंड कूच का एलान किया सूचना मिलने के बाद हिमाचल-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कुल्हाल गेट बैरियर पर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने निहंग सिखों से शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए छोटे-छोटे समूहों में यात्रा करने की अपील की थी. लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। दोस्तो इसी दौरान वार्ता विफल होने के बाद निहंग सिख बैरिकेडिंग तक पहुंचे और तलवार, कृपाण, फरसे, भाले व अन्य हथियार लहराते हुए बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गए. इस दौरान बैरिकेडिंग के आसपास खड़े वाहनों को भी क्षति पहुंचाई गई और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। दोस्तो इसी हंगामे को देखते हुए अब कार्रवाई हो रही है पुलिस के मुताबिक,
अज्ञात निहंग सिखों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आपराधिक बल प्रयोग और लोगों में भय का माहौल बनाने जैसे आरोपों में थाना विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सनोज कुमार को सौंपी गई है।
दोस्तो हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कुछ निहंग सिखों पर यातायात नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को श्रीनगर में स्थानीय युवाओं और गढ़वाल विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला. पूर्व और वर्तमान छात्र नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर कोतवाली पहुंचा और पुलिस प्रशासन से मामले में बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की.तो दोस्तों, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कानून से ऊपर कोई हो सकता है? उत्तराखंड में चाहे कोई भी आए, कानून सबके लिए एक समान है। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साफ संकेत दे दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर रहेगी कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कब होती है और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है। साथ ही यह भी देखना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या पुलिस की यह कार्रवाई पर्याप्त है या और सख्त कदम उठाए जाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।