हरिद्वार जिला अस्पताल बना अखाड़ा! हथियार और ईंट-पत्थर लेकर भिड़े दो गुट, इमरजेंसी में तोड़फोड़

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हरिद्वार के मेला अस्पताल परिसर स्थित जिला अस्पताल में देर रात दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष और भारी तोड़फोड़ की सनसनीखेज घटना सामने आई है। शुरुआती विवाद के बाद एक पक्ष जान बचाने के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घुस गया, जिसके पीछे दूसरा पक्ष हाथों में लोहे के धारदार हथियार, ईंट और पत्थर लहराते हुए पहुंच गया। इस घटना का खौफनाक वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात दोनों गुटों के बीच बाहर किसी बात पर हिंसक झड़प हुई थी। जान पर बन आने पर एक पक्ष भागकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी की तरफ आया। हमलावरों की भीड़ को हथियारों के साथ आते देख इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी ने तुरंत अंदर से मुख्य चैनल गेट बंद कर दिया। गेट बंद होते ही हमलावरों ने बाहर से ही ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया, जिससे खिड़कियों और दरवाजों के शीशे चकनाचूर हो गए। अंदर मौजूद मरीज, तीमारदार और मेडिकल स्टाफ दहशत में आ गए।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में उपद्रवियों की गुंडागर्दी साफ दिखाई दे रही है। फुटेज में दर्जनों युवक हाथों में ईंट-पत्थर लेकर अस्पताल की ओर दौड़ते नजर आ रहे हैं। एक हमलावर हेलमेट पहने हुए हाथ में लोहे का धारदार हथियार लहराते हुए इमरजेंसी का गेट जबरन खोलने का प्रयास करता दिखा। अंदर जाने में नाकाम रहने पर उपद्रवियों ने शीशों पर लगातार पत्थर बरसाए और मौके से फरार हो गए। अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशिकांत और जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि उपद्रवियों ने अस्पताल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और अंदर घुसने की पूरी कोशिश की, लेकिन स्टाफ की सतर्कता के चलते किसी मरीज या कर्मी को चोट नहीं आई। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने अस्पताल परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। वहीं, अस्पताल जैसी अति-संवेदनशील जगह पर हथियारबंद हमले ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।