Kainchi Dham जाने से पहले ये वीडियो जरूर सुनें! | Deepak Rawat | Neem Raroli Baba | Uttarakhand News

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उत्तराखंड के प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पिछले वीकेंड पर अचानक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ने के कारण भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 5 बड़े और कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वीकेंड पर होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना और स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाना है।

चारधाम की तर्ज पर अनिवार्य ‘प्री-रजिस्ट्रेशन’: कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन (पूर्व पंजीकरण) अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने के बाद, प्रशासन को पहले से पता होगा कि किस दिन कितने श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को समय रहते संभाला जा सकेगा।

श्रद्धालुओं की ‘डेली लिमिट’ होगी तय: भीड़ को सुरक्षित सीमा में रखने के लिए प्रशासन ने कैंची धाम की कैरिंग कैपेसिटी (वहन क्षमता) निर्धारित करने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत, मंदिर परिसर में प्रतिदिन केवल 20,000 से 25,000 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति देने की योजना बनाई गई है। तय सीमा पूरी होने के बाद उस दिन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए जाएंगे।

एंट्री और एग्जिट के अलग रास्ते: मंदिर परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की या भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए क्राउड मैनेजमेंट का नया प्लान तैयार किया गया है। अब मंदिर में प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के रास्ते पूरी तरह से अलग-अलग किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को एक निश्चित कतार में ही भेजा जाएगा ताकि परिसर के भीतर भीड़ एक जगह जमा न हो।

बिना होटल बुकिंग यात्रा न करने की अपील और अनिवार्य रेट लिस्ट: कमिशनर दीपक रावत ने बाहरी राज्यों और दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे वीकेंड के दौरान बिना एडवांस होटल या होमस्टे बुकिंग के यात्रा न करें। इसके साथ ही, क्षेत्र में पर्यटकों से होने वाली ओवररेटिंग (ज्यादा वसूली) की शिकायतों को रोकने के लिए सभी रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों पर रेट लिस्ट (दर-सूची) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

हाईवे पर शटल सेवा और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई: भवाली-अल्मोड़ा हाईवे को जाम-मुक्त रखने के लिए निजी वाहनों को मंदिर से काफी पहले बने पार्किंग स्थलों पर ही रोक दिया जाएगा। वहां से श्रद्धालुओं को मंदिर तक ले जाने के लिए शटल टैक्सी सेवा का संचालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हाईवे पर नियमों का उल्लंघन करने वाले या नो-पार्किंग में खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को तुरंत सीज करने के आदेश दिए गए हैं। निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।