सड़क नहीं, डंडी-कंडी बनी जीवन रेखा , गर्भवती को पैदल पहुंचाया अस्पताल | Uttarakhand News

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चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के दूरस्थ एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। प्रसव पीड़ा होने पर एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलाकर अस्पताल पहुंचाया। जहां महिला ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। एरेठा गांव की 34 वर्षीय गम्मोती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया और फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया। ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार टम्टा के अनुसार एरेठा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2021 में 8 किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था, लेकिन भूमि विवाद और विभागीय प्रक्रियाओं के चलते आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका है।