जी हां दोस्तो उत्तराखंड को धमकी देने वाले वायरल वीडियो के बाद अब इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है, जिस शख्स को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं, अब उसकी पहचान को लेकर नए दावे किए जा रहे हैं। Uttarakhand Nihang controversy सबसे खास बात यह है कि ये दावे किसी और ने नहीं, बल्कि निहंग समुदाय से जुड़े लोगों ने ही सार्वजनिक रूप से किए हैं। आखिर क्या है पूरा मामला? कौन है वह शख्स जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ? और क्यों इस खुलासे के बाद पूरे घटनाक्रम ने पूरे मामले को बदल दिया। पहले जहां उत्तराखंड वरसेज निहंग था, वो मामला अब कैसे निहंग बनाम निहंग बन गया बताउंगा आपको पूरी खबर। दोसतो निहंग विवाद तो आपको याद ही होगा, जहां उत्तराखंड के कुछ निहंग यात्रियों ने स्थानीय लोगों पर तलवार से वार किया फिर गिरफ्तारी हुई। इस पूरे मामले ने खूब शोर किया, एक बार तो स्थिति ऐसी बन गई कि उत्तराखंड और निहंग आपने सामने आ गए फिर उत्तराखंड के लोगों को लेकर पूरे सिख समुदाय से संगठनों ने मोर्चा खोल दिया लेकिन अब जब तो तस्वीरें निहंगों की सामने आई है, तो पूरे मामले की सारी की सारी पोल पट्टी खुल गई है मै आपको एक एक कर उन तस्वीरों को दिखाउंगा भी और उसके बारे में बताउंगा भी लेकिन इनता तो तय है कि उत्तराखंड में जो विवाद हुआ वो तो बस एक बानगी भर है, बांकि जंग तो निहंगों की आपस में ही चल रही है। दोस्तो सबसे मै आपको उस सख्स की तस्वीर दिखाना चाहता हूं, जो अपने कुछ साथियों के साथ उत्तराखंड पर चढाई करने के लिए निकला और उसने ना सिर्फ उत्तराखंड को धमकाया बल्की पुलिस द्वारा लगाई गई बैराकेडिंग को तोड़ते हुए देहरादून तक घुसने की कोशिश की पहले लगा कि ये बंदा निहंगों का हितैषी है और जो लोग जो निहंग कर्णप्रयाग के विवाद में घायल हुए या गिरफ्तार हुए उनकी चिंता में आक्रोषित है, लेकिन अब इस एक बंदे की पोल निहंगों ने खोल दी है।
जी हां दोस्तो उत्तराखंड में नकली निहंग का बड़ा भंडाफोड़!उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ और वसूली का बड़ा खेल आया सामने! दोस्तो पिछले दिनों UKD (उत्तराखंड क्रांति दल) नेता आशीष नेगी के मामले में मुख्यमंत्री और प्रशासन को खुलेआम चैलेंज करने वाला और खुद को ‘निहंग’ बताने वाला व्यक्ति आखिरकार नकली निकला! दोस्तो सच्चे और असली निहंग सिंहों ने इस बहरूपिये की पूरी सच्चाई जनता के सामने ला दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इस व्यक्ति का निहंग मर्यादा और सिख पंथ से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। दोस्तो प्रशासन को चुनौती देने की आड़ में इस नकली निहंग पर अवैध वसूली (उगाही) करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। देवभूमि की शांत फिजा को बिगाड़ने और लोगों को गुमराह करने का यह एक बड़ा षड्यंत्र था, जिसका अब पर्दाफाश हो चुका है। दोस्तो सच्चा निहंग हमेशा मजलूमों की रक्षा और न्याय के लिए खड़ा होता है, न कि निजी स्वार्थ और वसूली के लिए ड्रामा करता है। दोस्तो चुनौती देने वाले की खुद की हकीकत अब सबके सामने है। ऐसे ढोंगियों से सावधान रहने की जरूरत है जो धर्म और चोले के पीछे अपना काला खेल खेलते हैं। दोस्तो उत्तराखंड को धमकी देने वाले और निहंगों का ग्रुप लेकर पांवटा साहिब बॉर्डर पर आने वाले निहंग जत्थेदार जसदीप सिंह के बारे में बड़ा दावा किया गया। एक अन्य निहंग ने उनको लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं और गंभीर दावे किए हैं। हालांकि हम इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं करते हैं।
इसके अलावा दोस्तो उत्तराखंड में अराजकता फैलाकर बमुश्किल शांत हुए निहंगों के एक ग्रुप ने मोहाली के एक गुरुद्वारे में कथित तौर पर एक निहत्थे आदमी पर तलवारों से हमला किया। रविवार को मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदान में उस समय कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब उत्तराखंड से रिहा होकर लौटे दो निहंग सिंहों के स्वागत समारोह के दौरान एक युवक ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे में दोनों निहंगों के स्वागत के लिए कार्यक्रम चल रहा था और बड़ी संख्या में संगत व निहंग मौजूद थे। इसी दौरान भीड़ में से एक युवक अचानक आगे आया और दोनों निहंगों पर हमला करने का प्रयास किया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। इस दौरान निहंगों ने लड़के को पकड़कर जमकर पीट दिया। मोहाली गुरुद्वारा में नौजवान पर निहंगों का हमला! पुलिस ने दी बड़ी जानकारी! तो दोस्तों, उत्तराखंड के कर्णप्रयाग विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब कई नए दावों और आरोपों के साथ एक अलग मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ निहंग समुदाय के कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक रूप से कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल इतना तय है कि इस पूरे विवाद ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर सच्चाई क्या है? कौन सही है और कौन गलत? इसका फैसला सोशल मीडिया नहीं, बल्कि जांच और कानून की प्रक्रिया करेगी,,इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए। वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करें और उत्तराखंड की हर बड़ी और भरोसेमंद खबर के लिए उत्तराखंड न्यूज़ को सब्सक्राइब करना न भूलें।