Dehradun Maldevta में सड़क विवाद या बवाल? | PMGSY | Roadissue | Landslide | Uttarakhand News

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दोस्तों, देहरादून के मालदेवता में आखिर ऐसा क्या हुआ कि सड़क से जुड़ा विवाद सीधे मारपीट तक पहुंच गया? आरोप है कि PMGSY के इंजीनियर और उनके ड्राइवर के साथ ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने मारपीट की, जिसमें ड्राइवर की उंगली तक टूट गई। क्या सड़क निर्माण को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया था? आखिर किस बात पर हुआ विवाद और पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की? ग्राम प्रधान समेत नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। मालदेवता के इस पूरे बवाल की वजह क्या है बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो ये वो तस्वीर है जो कई सवाल खड़े कर रही है, ये मामला क्या है क्यों बिगड़ा माहौल। सब कुछ बताउँगा आप बस वीडियो को पूरा देखे। दोस्तों, पहले आपको पूरा मामला समझाता हूं। दरअसल दोस्तो मालदेवता क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मालदेवता-सेरकी-सिल्ला-भैसवाड़ मोटर मार्ग बाधित हो गया था। सड़क पर मलबा आने के बाद आवागमन प्रभावित हुआ तो रास्ता खोलने के लिए PMGSY की टीम को मौके पर भेजा गया। जब टीम पहुंची तो वहां ग्रामीणों की गुस्से का शिकार होना, क्यों होना पड़ा वो आगे बताउंगा। दोस्तो इस बवाल पर पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई की सुबह करीब 10 बजकर 50 मिनट पर PMGSY की टीम JCB मशीन के जरिए सड़क से मलबा हटाने का काम कर रही थी। यानी एक तरफ बारिश का दबाव। दूसरी तरफ सड़क खोलने की चुनौती, और इसी बीच मौके पर विवाद खड़ा हो गया, लेकन दोस्तो आप अब उस खौफनाक तस्वीर को देखिए जिस वजह से सड़क बंद हुई। इस सड़क को खोलने के लिए यहां टीम पहुंची लेकिन हंगामा हो गया। इधर दोस्तो पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान सेरकी वौढ़ा के ग्राम प्रधान श्याम सिंह पयाल, सुरेश ज्वाड़ी, रतन हार्डवेयर और पंवार हार्डवेयर के संचालक समेत कुछ अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने विभागीय कर्मचारियों से अभद्रता की, काम रुकवाया और सरकारी कार्य में बाधा डाली, लेकिन दोस्तो मामला सिर्फ कहासुनी तक नहीं रुका। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मारपीट की गई और कर्मचारियों को धमकी भी दी गई। यहां तक कि शिकायत में कर्मचारियों को गहरी खाई में फेंकने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत और पुलिस जांच का हिस्सा हैं। इनकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। दोस्त इस कथित मारपीट में वाहन चालक श्रितिक, कर्मचारी नितिन चौहान और अमित जड़ोदिया के घायल होने की बात सामने आई है। सबसे ज्यादा चोट JCB चालक श्रितिक को लगी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट में उसके हाथ की एक उंगली टूट गई। यानी दोस्तो जिस टीम को बारिश और मलबे के बीच सड़क खोलकर लोगों का रास्ता बहाल करना था, उसी टीम के सदस्य खुद चोटिल हो गए। वहीं दोस्तो आपको ये तस्वीर देखनी चाहिए कि कैसे मालदेवता इलाके में बारिश ने हाल बेहाल किया है। दोस्तो वहीं देहरादून में करोड़ों की लागत से बनी सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाई। मालदेवता के आगे सौंग डैम जाने वाली नई सड़क में जगह-जगह धंसाव हो गया है। पुल की एप्रोच रोड के बाद अब सड़क के धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

दोस्तो इन तस्वीर पर सवाल किया जा सकता है हालत क्या है सड़कों की और नई बनी सड़कों की लेकिन सवाल इस पर भी होना चाहिए कि क्यों PMGSY कर्मचारियों के साथ गंडई की गई दोस्तो रायपुर थाना पुलिस के मुताबिक, PMGSY कर्मचारी नितिन चौहान की तहरीर और घायल चालक की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। अब दोस्तों, मालदेवता और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान सड़क पर मलबा और भूस्खलन कोई नई चुनौती नहीं है। PMGSY के रिकॉर्ड में भी मालदेवता-सेरकी-सिल्ला मार्ग दर्ज है और मानसून के दौरान इस क्षेत्र में सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे वक्त में सड़क बंद होने का सीधा असर गांवों की आवाजाही पर पड़ता है। इसलिए सड़क खोलने वाली टीमों के सामने एक तरफ भारी बारिश और लगातार गिरता मलबा चुनौती होता है, तो दूसरी तरफ लोगों की जल्द से जल्द आवाजाही बहाल करने का दबाव। तो दोस्तों, मालदेवता में सड़क खोलने गई PMGSY टीम से कथित मारपीट का मामला अब पुलिस तक पहुंच चुका है। शिकायत में ग्राम प्रधान समेत कई लोगों पर मारपीट, धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, अब देखना होगा कि जांच में सामने क्या आता है। आरोप कितने सही साबित होते हैं और इस विवाद की असली वजह क्या थी। फिलहाल इतना जरूर है कि बारिश से बंद सड़क खोलने की कोशिश के बीच हुआ ये विवाद अब बड़ा मामला बन चुका है।