दोस्तो, क्या बदरीनाथ धाम के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे? पहले चढ़ावा चोरी को लेकर हंगामा मचा और अब भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन की गुणवत्ता पर सवाल। आखिर ऐसा क्या हुआ कि खुद बदरीनाथ धाम के रावल को शिकायत करनी पड़ी? क्या भगवान के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा था? और अगर ऐसा नहीं था, तो फिर जांच के आदेश क्यों देने पड़े? बताऊंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो, बदरीनाथ धाम में एक के बाद एक उठ रहे सवाल अब आस्था के साथ व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। रावल की शिकायत के बाद अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए हैं। बदरीनाथ धाम दान चोरी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि मंदिर से जुड़ा और नया आरोप सामने आया है। यह आरोपी किसी आम आदमी ने नहीं, बल्कि खुद रावल ने लगाया है. रावत ने बदरीनाथ धाम में अभिषेक के लिए इस्तेमाल हो रहे चंदन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। दोस्तो इस बार सवाल भगवान बदरी नारायण के अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन (श्रीखंड) की गुणवत्ता को लेकर उठे हैं। धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने इस संबंध में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ को लिखित शिकायत दी है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बदरीनाथ धाम में हर रोज सुबह भगवान बदरी नारायण का चंदन से अभिषेक किया जाता है। परंपरा के अनुसार अगले दिन यही चंदन श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। चंदन तैयार करने का कार्य डिमरी पंचायत के हक-हकूकधारी करते हैं और उसे विशेष स्वर्ण-रजत पात्र (तम्या) में सुरक्षित रखकर गर्भगृह में स्थापित किया जाता है। यहां दोस्तो खबरों के मुताबिक, BKTC ने पिछले लगभग दो साल से चंदन की नई खरीद नहीं की है और वर्तमान में दान स्वरूप प्राप्त चंदन का ही उपयोग किया जा रहा है। दोस्तो बताया जा रहा है कि एक VVIP द्वारा दान किए गए करीब 10 क्विंटल चंदन का उपयोग इन दिनों से अभिषेक में किया जा रहा है, जबकि कुछ उद्योगपतियों की ओर से दान में मिले लगभग दो क्विंटल प्रीमियम गुणवत्ता वाले चंदन का अभी तक उपयोग नहीं किया गया है।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि चंदन की गुणवत्ता को लेकर रावल की आपत्ति प्राप्त हुई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि चंदन की लकड़ी गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतर रही हो। इसके अलावा दोस्तो उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोस्तो दान-चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब अभिषेक में प्रयुक्त चंदन की गुणवत्ता पर उठे सवालों ने बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन दोस्तो बीते दिनों बदरीनाथ धाम में दान की राशि में हेराफेरी का आरोप लगा था। इस मामले का खुलासा होने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार भी किया था। फिलहाल प्रमोद नौटियाल जेल हैं और इस पूरे मामले की जांच पुलिस के अलावा बीकेटीसी की चार सदस्य कमेटी के अलावा शासन स्तर पर भी तीन सदस्य टीम कर रही हैं। इन सबके बीच रावल ने अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है. हालांकि इस मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति ने जांच के आदेश दे दिए हैं। दोस्तो, बदरीनाथ धाम देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावा चोरी के बाद अब अभिषेक में इस्तेमाल होने वाले चंदन की गुणवत्ता पर उठे सवाल स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। फिलहाल शिकायत के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं और अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या रावल की आपत्तियां सही साबित होंगी, या जांच में व्यवस्थाओं को क्लीन चिट मिलेगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।