उत्तराखंड में ST प्रमाणपत्रों पर बड़ा सवाल, एक्टिविस्ट ने मांगी उच्चस्तरीय जांच | Uttarakhand News

Spread the love

जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार चर्चाओं में रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने एक बार फिर उत्तराखंड में अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्रों के जारी होने की प्रक्रिया और उनके आधार पर प्राप्त सरकारी लाभों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि संविधान, राष्ट्रपति आदेशों और सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए वर्षों से अपात्र व्यक्तियों को एसटी प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे वास्तविक जनजातीय समुदायों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कोई भी जनजातीय क्षेत्र नहीं है। विकेश सिंह नेगी ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पत्र लिखकर राज्य में 28 नवम्बर 2000 के बाद जारी किए गए अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्रों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।