क्या है पाकिस्तान कनेक्शन का सच? | Haridwar | Police | Uttarakhand News

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क्या उत्तराखंड के कुछ युवक-युवतियों तक पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की पहुंच बन चुकी है? क्या सोशल मीडिया, ऑनलाइन चैट और पैसों के लेन-देन के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है? और आखिर सुरक्षा एजेंसियों की जांच में ऐसे कौन से खुलासे हुए हैं, जिन्होंने सबको चौंका दिया है? उत्तराखंड में हालिया कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां दावा कर रही हैं कि कुछ संदिग्ध संपर्कों और लेन-देन की परतें खुल रही हैं। आखिर क्या है पूरा मामला, कौन हैं जांच के दायरे में आए लोग और कैसे सामने आया यह कथित पाकिस्तान कनेक्शन? दोस्तो पूरी खबर देखिए आप भी चौंक जाएंगे। पिरान कलियर क्षेत्र की रहने वाली सोनम से जुड़े करोड़ों रुपये के संदिग्ध हवाला और ट्रांजेक्शन मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब जांच एजेंसियों का फोकस सोनम की सहेली पूजा के अलावा उमर, आदिल और हबीब नाम के व्यक्तियों पर केंद्रित हो गया है। दोस्तो सुरक्षा एजेंसियां इन लोगों की लोकेशन, बैंकिंग गतिविधियों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य राज्यों या सीमापार संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े हैं या नहीं। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2024 में सोनम को उसकी सहेली पूजा के माध्यम से उमर नाम के व्यक्ति से जोड़ा गया था। बताया जा रहा है कि शुरुआत में सोनम और उमर के बीच केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत होती थी। करीब एक महीने बाद उमर ने उसकी पहचान आदिल और हबीब नाम के व्यक्तियों से कराई, जिसके बाद बैंक खातों के जरिए धनराशि के लेन-देन का सिलसिला शुरू हुआ। सोनम की गिरफ्तारी के बाद से उसकी सहेली पूजा फरार बताई जा रही है और एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं। दोस्तो सूत्रों के अनुसार सोनम के पास एक लैपटॉप था, जिस पर वह अक्सर काम करती दिखाई देती थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि संदिग्ध ट्रांजेक्शन की निगरानी, रिकॉर्डिंग और संचालन इसी लैपटॉप के माध्यम से किया जाता था। फिलहाल लैपटॉप, मोबाइल फोन और ऑनलाइन चैटिंग का डेटा खंगाला जा रहा है।

इसके अलावा यह भी चर्चा में है कि कलियर, धनौरी और भगवानपुर क्षेत्र के कुछ युवक-युवतियां भी उसके संपर्क में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि जब किसी खाते में रकम पहुंचती थी तो सोनम को व्हाट्सएप कॉल या संदेश के माध्यम से इसकी सूचना दी जाती थी। इसके बाद वह एटीएम, बैंकिंग माध्यमों और यूपीआई के जरिए रकम को जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न खातों में ट्रांसफर करती थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने और रकम को कई स्तरों पर घुमाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही थी। दोस्तो पिरान कलियर क्षेत्र के आसफनगर-कोटा मुरादनगर गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों के अनुसार सोनम लोगों को बताती थी कि वह ऑनलाइन बिजनेस से अच्छी कमाई कर रही है। वहीं उसका बेरोजगार भाई अक्सर ईद के बाद लगभग चार लाख रुपये की कार खरीदने की बात करता था। एक सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवार में अचानक बढ़ी आर्थिक गतिविधियां भी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जांच बिंदु बन गई है। दोस्तो जांच एजेंसियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में गिरफ्तार राहुल खान और उसकी पत्नी सपना से पूछताछ के दौरान सोनम का नाम सामने आया। बताया जा रहा है कि राहुल खान और सपना ने व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से लेन-देन को लेकर सोनम से संपर्क किया था। इसके बाद 24 मई को जम्मू-कश्मीर एसटीएफ की टीम हरिद्वार पहुंची और स्थानीय पुलिस की सहायता से सोनम को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां राहुल खान के संभावित विदेशी संपर्कों और उसके डिजिटल नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। दोस्तो एसएसपी Navneet Singh Bhullar ने बताया कि संयुक्त जांच टीम को सोनम ने पूछताछ में बताया है कि वह अपनी सहेली के माध्यम से उमर नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी। उन्होंने कहा कि उमर और उसके सहयोगियों ने सोनम को कई एटीएम कार्ड और चेकबुक उपलब्ध कराए थे तथा विभिन्न खातों में धनराशि भेजने के निर्देश दिए जाते थे। एसएसपी ने बताया कि मामला जम्मू-कश्मीर में दर्ज है और जांच वहीं संचालित की जा रही है। जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा– बाइट- एसएसपी Navneet Singh Bhullar दोस्तो जांच एजेंसियों के सामने बड़े सवाल उमर, आदिल और हबीब की वास्तविक पहचान क्या है?क्या यह केवल मनी ट्रांसफर नेटवर्क था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा?संदिग्ध ट्रांजेक्शन में शामिल अन्य खाताधारक कौन हैं?फरार पूजा की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है?क्या इस नेटवर्क के तार देश से बाहर भी जुड़े हुए हैं?