दोस्तो टिहरी की लापता बेटी रेशमा देवी का मामला अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है! बहन की तलाश में भटक रहे भाई ने जब सीएम हाउस पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई, तो मुख्यमंत्री ने सीधे SSP को फोन मिला दिया। दावा है कि पुलिस को तेजी से कार्रवाई करने और तकनीकी संसाधनों से रेशमा की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, लमगांव थाने के घेराव का ऐलान करने वाला परिवार अब आंदोलन स्थगित करने की बात कह रहा है। आखिर मुख्यमंत्री से मुलाकात में क्या हुआ? भाई को क्या आश्वासन मिला और रेशमा की तलाश में अब तक क्या कार्रवाई हुई? सुनिए, खुद भाई की जुबानी—इस मुलाकात की पूरी कहानी। दोस्तो टिहरी गढ़वाल का प्रतापनगर क्षेत्र पिछले कई दिनों से सुलग रहा है। घर की लाडली रेशमा देवी अचानक लापता हो जाती है और पुलिस-प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है। एक पीड़ित परिवार, एक लाचार भाई अपनी बहन की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाता है, लेकिन व्यवस्था की नींद नहीं टूटती। थक-हारकर परिवार ने लमगांव थाने के घेराव और उग्र धरने का ऐलान कर दिया था। लेकिन इसी बीच एंट्री होती है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की। दोस्तो इंसाफ की आखिरी उम्मीद लेकर रेशमा का भाई, भाजपा की अवंतिका भंडारी के साथ देहरादून में सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचा। जैसे ही सीएम धामी ने पीड़ित भाई का दर्द सुना, वैसे ही उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने उसी वक्त कमरे में मौजूद अधिकारियों के सामने टिहरी की एसएसपी श्वेता चौबे को सीधे फोन मिला दिया।
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, वैज्ञानिक और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल करो और इस केस को तुरंत सॉल्व करके परिवार को रिपोर्ट सौंपो। दोस्तो दोस्तो मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख और आश्वासन के बाद पीड़ित भाई ने फिलहाल लमगांव थाने के घेराव को स्थगित कर दिया गया लेकिन उत्तराखंड की जनता और हमारा चैनल पुलिस-प्रशासन से सीधे सवाल पूछ रहा है कि आखिर मुख्यमंत्री के दखल देने का इंतजार क्यों किया जाता है? क्यों शुरुआत में ही स्थानीय पुलिस इस तरह के संवेदनशील मामलों में मुस्तैदी नहीं दिखाती? सीएम धामी ने साफ कह दिया है कि किसी परिजन का लापता होना बेहद पीड़ादायक होता है और वैज्ञानिक संसाधनों का इस्तेमाल कर रेशमा को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए। दोस्तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह ऑन-द-स्पॉट एक्शन वाकई काबिले तारीफ है, जिसने पीड़ित परिवार को एक संबल दिया है और उनका भरोसा कानून पर टूटने से बचा लिया है। लेकिन अब असली जिम्मेदारी टिहरी पुलिस और एसएसपी श्वेता चौबे की है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब पुलिस को दिन-रात एक करना होगा ताकि रेशमा देवी को जल्द से जल्द ढूंढ निकाला जाए और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। हम भी इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए रखेंगे और पीड़ित भाई के पेज के साथ-साथ आपको हर अपडेट देते रहेंगे। देवभूमि की इस बेटी को न्याय दिलाने की इस मुहिम में आपकी क्या राय है, कमेंट करके जरूर बताएं।