Tehri Ketan Murdercase में क्यों हुई चंद्रशेखर की एंट्री ?| Chandrashekh Arazad | Uttarakhand News

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टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर ब्लॉक स्थित देवल गांव निवासी केतन लाल की 8 जून को मौत हो गई थी। आरोप था कि मारपीट के बाद उनकी मौत हो गई थी। उसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल था। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद 28 जून को मृतक केतन लाल के परिजनों से मिलने जा रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें हरिद्वार में रोक दिया था। इससे नाराज सांसद वहीं धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने उन्हें 30 जून को मृतक केतन लाल के परिजनों से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया तो वह चले गए थे। मंगलवार को वह काफिले के साथ प्रतापनगर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने फिर उन्हें हरिद्वार में रोक दिया। वहां से उन्हें सीमित लोगों के साथ प्रतापनगर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन भद्रकाली पहुंचते ही फिर से वाहनों की कतार लग गई, पुलिस ने चंद्रशेखर के समर्थकों को वहां रोक दिया। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद आखिरकार दो दिन बाद प्रतापनगर के देवल गांव पहुंच गए। उन्होंने केतन लाल के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। केतन के परिजनों ने उन्हें घटना की जानकारी दी। सांसद ने घटना पर दुख जताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।