किच्छा के खान फार्म पर कब्जे को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा | Uttarakhand News

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ऊधम सिंह नगर के किच्छा स्थित पिपलिया मोड़ के खान फार्म पर कथित कब्जे को लेकर बुधवार को हाईवोल्टेज विवाद देखने को मिला। Kichha Khan Farm Encroachment कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायर वाड्रा ने नसरिन सांगा पर फार्म पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया, जबकि नसरिन सांगा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज होने की बात कही। विवाद ने राजनीतिक रंग तब ले लिया जब कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ अपने समर्थकों के साथ फार्म के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।

किच्छा के पिपलिया मोड़ स्थित खान फार्म पर स्वामित्व और कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सायर वाड्रा ने दावा किया कि यह संपत्ति उन्हें उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर प्राप्त हुई है और आरोप लगाया कि नसरिन सांगा ने मजदूरों को हटाकर फार्म पर जबरन कब्जा कर लिया। दूसरी ओर नसरिन सांगा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास अपने स्वामित्व से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं और पूरे मामले को एकतरफा ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। विवाद की सूचना मिलते ही विधायक तिलकराज बेहड़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। देर रात करीब 11:30 बजे सायर वाड्रा के अनुरोध तथा एसडीएम किच्छा गौरव पांडे और रुद्रपुर सदर एसडीएम मनीष के साथ हुई वार्ता के बाद विधायक तिलकराज बेहड़ धरने से उठे। प्रशासन ने दोनों पक्षों को अगले दिन सुबह 11:30 बजे एसडीएम कार्यालय में अपने-अपने अधिवक्ताओं के साथ सभी दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वसीयत, राजस्व अभिलेख और अन्य कानूनी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा जिस पक्ष का दावा वैधानिक रूप से सही पाया जाएगा, उसी को जमीन का अधिकार दिया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।