पहाड़ों की रानी मसूरी से आई इस खौफनाक तस्वीर को देखिए, जहां देखते ही देखते एक हंसता-खेलता आशियाना ताश के पत्तों की तरह ढहकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया! कुदरत का ऐसा कहर कि जमीन पैरों तले से खिसक गई और लोगों के पास अपनी जान बचाकर भागने के लिए चंद सेकंड ही बचे थे। उत्तराखंड में आसमान से बरस रही आफत अब आम लोगों की जिंदगी पर काल बनकर टूट रही है। यह सिर्फ एक मकान के गिरने का वीडियो नहीं है, बल्कि पहाड़ों में अनियंत्रित निर्माण और प्रकृति के गुस्से की वो गवाही है जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप उठे! दोस्तो क्या पहाड़ों की रानी मसूरी अब कुदरत की ‘डेथ वारंट’ लिस्ट में सबसे ऊपर आ चुकी है? जरा गौर से देखिए इन रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरों को, जिन्हें देखकर आज पूरे देश का कलेजा दहल गया। दोस्तो जिस खूबसूरत हिल स्टेशन की वादियों में लोग सुकून की तलाश में आते हैं, आज वही वादियां पल भर में मौत का लाइव कुरुक्षेत्र बन रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अचानक पूरी की पूरी पहाड़ी भरभराकर नीचे आ गिरी और ढलान पर बना एक दोमंजिला आशियाना ताश के पत्तों की तरह मलबे के गुबार में दफन हो गया। चीखते-चिल्लाते लोग, जान बचाकर भागे। दोस्तो यह सिर्फ एक मकान के गिरने का हादसा नहीं है, बल्कि यह इस बात की सबसे डरावनी गवाही है कि उत्तराखंड का यह बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन अब एक बहुत बड़े और विनाशकारी खतरे की जद में आ चुका है! उत्तराखंड में भारी बारिश पहाड़ों पर लगातार कहर बरपा रही है। ताजा तस्वीरें मसूरी-कैंप्टी मार्ग से सामने आई हैं, जहां कैंप्टी फॉल और यमुना ब्रिज के बीच सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश की मार नहीं झेल सका और बहकर खाई में समा गया। सड़क का बड़ा हिस्सा बहने से इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं NH-707A के कैंप्टी-यमुनापुल मार्ग पर भी बारिश से सड़क को नुकसान पहुंचने की खबर है, जिसके चलते यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है।ऐसे में सवाल यही है कि लगातार बारिश के बीच पहाड़ों की सड़कें कब तक यूं ही दरकती और बहती रहेंगी? फिलहाल प्रशासन की चुनौती सड़क को सुरक्षित करने और प्रभावित यातायात को सुचारू करने की है।
दोस्तो उत्तराखंड में मॉनसून का सीजन अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। देवभूमि के पहाड़ों से लगातार आ रही भूस्खलन और तबाही की खबरों के बीच, आज पर्यटन नगरी मसूरी से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है जिसे देखकर आप सिहर उठेंगे।लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मसूरी में एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। इस भूस्खलन की जद में आकर एक दोमंजिला मकान पल भर में जमींदोज हो गया। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि मलबे की आवाज सुनते ही घर के अंदर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाई और अपनी जान बचाकर बाहर की तरफ भागे, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। दोस्तो इस खौफनाक मंजर को जिसने भी अपनी आंखों से देखा, उसकी रूह कांप गई। स्थानीय लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया है। लोगों को दर्द भी सामने है और सावाल भी। इधर दोस्तो मौसम विभाग ने पहले ही देहरादून और मसूरी समेत कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी कर रखा है, जिसके बाद पहाड़ों पर सफर न करने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।[आक्रामक निष्कर्ष]लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर साल मॉनसून में ऐसी तबाही देखने के बाद भी हमारा सिस्टम कब जागेगा? पहाड़ों की संवेदनशीलता को ताक पर रखकर जो अंधाधुंध निर्माण कार्य हो रहे हैं, ड्रेनेज सिस्टम की जो अनदेखी की जा रही है, आज यह उसी का खौफनाक नतीजा है। कुदरत बार-बार चेतावनी दे रही है, लेकिन प्रशासन सिर्फ हादसों के बाद मुआवजा बांटने और मलबे साफ करने तक सीमित रह जाता है। अगर समय रहते पहाड़ों के इको-सिस्टम को बचाने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में प्रकृति का यह रौद्र रूप और भी भयानक तबाही लेकर आएगा!