उत्तराखंड में सियासी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’? | Srinagar | BJP | Congress | Uttarakhand News

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दोस्तो उत्तराखंड में बीजेपी के खुफिया ओपरेशन लोटस से ऐसा मचा सियासी हड़कंप कि रातों-रात पलट गई बाजी। कैसे श्रीनगर की सियासत ने अचानक से दिया सबसे बड़ा सरप्राइज बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो उत्तराखंड की सियासत में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। श्रीनगर में निर्दलीय मेयर आरती भंडारी समेत 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से सियासी हलचल तेज हो गई है। आखिर रातों-रात ऐसा क्या हुआ कि श्रीनगर की सियासत की पूरी तस्वीर ही बदल गई? दोस्तो श्रीनगर की सियासत से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर! एक ऐसा राजनैतिक सर्जिकल स्ट्राइक, जिसने विपक्षी खेमे में पूरी तरह से कोहराम मचा दिया है! क्या आपने कभी सोचा था कि एक साथ पूरी की पूरी नगर सरकार ही भगवा रंग में रंग जाएगी? जी हाँ, श्रीनगर नगर निगम की पहली निर्दलीय मेयर आरती भंडारी ने अपने 10 धुरंधर पार्षदों और सैकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया है! चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा है ऐसा 440 वोल्ट का झटका, जिससे उबरना अब नामुमकिन लग रहा है! आखिर कैसे धन सिंह रावत और महेंद्र भट्ट की जोड़ी ने विपक्ष का किला ढहा दिया? बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में सिर्फ एक मेयर ने पाला नहीं बदला, बल्कि श्रीनगर की पूरी राजनैतिक दिशा बदल गई। मेयर आरती भंडारी के साथ जिन 10 दिग्गजों ने बीजेपी ज्वाइन की है, उनके नाम सुनकर विरोधियों के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। इसमें 8 निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। BJP में शामिल निर्दलीय पार्षद अंजनी भण्डारी, मीना देवी, भावना चौहान, विजय कुमार चमोली, प्रवेश चमोली, आशीष नेगी, धर्म सिंह रावत और नरेंद्र सिंह रावत।

दोस्तो इतना ही नहीं, कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील ठोकते हुए उनके BJP में शामिल निर्दलीय पार्षद दो कद्दावर पार्षद राजकुमार और अनुराग चौहान भी पाला बदल चुके हैं! साथ ही क्षेत्र के बड़े नेता लखपत भंडारी ने भी भगवा धारण कर लिया है। अब दोस्तो इसे क्यों सिर्फ दलबदल नहीं, बल्कि विपक्ष का संपूर्ण सरेंडर कहा जा रहा है, ये आप तय करें अपनी राय दे, लेकिन आरती भंडारी जी और सभी पार्षदों का बीजेपी में स्वागत है। प्रधानमंत्री मोदी और सीएम धामी के विकास कार्यों को देखकर आज पूरा उत्तराखंड बीजेपी मय हो चुका है। विपक्ष अब पूरी तरह अप्रासंगिक हो गया है। कैबिनेट मंत्री तो श्रीनगर के विकास के लिए ये एक ऐतिहासिक दिन है। अब नगर निगम और राज्य सरकार मिलकर श्रीनगर को एक आदर्श शहर बनाएंगे। विपक्ष के पास अब कोई आधार नहीं बचा है। वहीं दोस्तो सुनिए मेयर आरती भंडारी ने क्या कहा आज बीजेपी का पटका पहने कहती हैं कि श्रीनगर की जनता के विकास और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए हमने यह फैसला लिया है। हम सब मिलकर अब विकास की नई इबारत लिखेंगे। दोस्तो अब समझिए कि इस राजनैतिक भूकंप का श्रीनगर की सियासत पर क्या असर पड़ने वाला है। श्रीनगर गढ़वाल को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। मेयर आरती भंडारी का निर्दलीय चुनाव जीतना भाजपा के लिए एक समय पर बड़ी चुनौती था। लेकिन इस मास्टरस्ट्रोक के बाद, धन सिंह रावत ने अपने गढ़ में विपक्ष की बची-कुची रीढ़ की हड्डी भी तोड़ दी है। कांग्रेस, जो पहले से ही अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रही थी, उसके दो पार्षदों का टूटना यह साफ करता है कि जमीन पर कांग्रेस का संगठन बिखर चुका है। अब नगर निगम में बीजेपी के पास प्रचंड बहुमत है, जिसका सीधा फायदा आगामी चुनावों में बीजेपी को एकतरफा बढ़त के रूप में फायदा दे सता है बल, लेकिन दोस्तो जो श्रीनगर में हुआ यह राजनैतिक खेला यह बताने के लिए काफी है कि उत्तराखंड की सियासत में शह और मात का खेल किस कदर आक्रामक हो चुका है। क्या मेयर और पार्षदों का यह फैसला श्रीनगर के विकास को रॉकेट की रफ्तार देगा, या फिर यह सिर्फ सत्ता की मलाई का खेल है? आपको क्या लगता है, कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय जरूर दर्ज करें! उत्तराखंड की हर राजनैतिक उठापटक और लाइव अपडेट के लिए इस वीडियो को शेयर करें और हमारे चैनल को तुरंत सब्सक्राइब करें।